एसआईआर के तहत फाइनल मतदाता सूची के प्रकाशन के दौरान सदर विधानसभा के एक बूथ पर सात मृत मतदाताओं के नाम दर्ज मिले। इस संबंधित बीएलओ को नोटिस जारी किया गया है। सपा नेताओं की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, लखनऊ को जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई जांच आख्या में इसका उल्लेख किया गया है। जांच में कई आरोप निराधार भी मिले हैं।

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी, लखनऊ को भेजे शिकायती में आरोप लगाया था कि झांसी सदर विधानसभा के पोलिंग बूथ संख्या 151 पर सात मृतक मतदाताओं के नाम दर्ज हो गए हैं। इनमें देवीदास, प्रेमवती, रामपाल, रामरती, ओमप्रकाश वर्मा, क्रांति देवी वर्मा, संपत शामिल हैं। पत्र में ये भी कहा कि बूथ संख्या 188 पर भी मृतक मतदाता गोकुल और राम कुमार के नाम दर्ज हैं। पोलिंग बूथ संख्या 336 पर धनीराम और 337 पर छोटेलाल मृतक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। उन्होंने झांसी सदर विधानसभा में बड़ी संख्या में मृतक मतदाताओं के नाम दर्ज होने का आरोप लगाया। शासन स्तर से जिला निर्वाचन अधिकारी से इस मामले में जांच आख्या मांगी गई।

बताया गया कि एसडीएम सदर की ओर से मामले की जांच की गई। जांच आख्या में कहा गया कि बूथ संख्या 151 में दर्ज सातों मृतक मतदाताओं के नाम दो और चार मई को ही फॉर्म-सात भरवाकर काटे जा चुके हैं। चूंकि, अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन में ये नाम जुड़े गए थे, ऐसे में संबंधित बीएलओ को नोटिस जारी किया गया है।

वहीं, जांच आख्या में कहा गया कि बूथ संख्या 188 गोकुल नाम का कोई मतदाता नहीं है जबकि रामकुमार जीवित हैं और वहां रहते भी हैं। ऐसे में शिकायत निराधार है। इसी तरह बूथ संख्या 336 में धनीराम नामक कोई व्यक्ति नहीं है। बूथ संख्या 337 में रहने वाले छोटेलाल भी जीवित हैं। ऐसे में ये शिकायत भी निराधार है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रताप शुक्ल ने बताया कि पूरे मामले की जांच पूरी कर आख्या भेज दी गई है।



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