भोपाल निवासी दसवीं की एक छात्रा दो बार परीक्षा में फेल हुई तो तनाव में आ गई। माता-पिता की डांट के डर से वह घर से भाग निकली, लेकिन मालवा एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे सुरक्षा बल की नजर उस पर पड़ गई। उसे बाल कल्याण समिति के माध्यम से परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
छात्रा टेंट कारोबारी की बेटी है। छात्रा ने बताया कि वह पढ़ाई में कमजोर होने के कारण पिछले दो साल से हाईस्कूल की परीक्षा पास नहीं कर पा रही थी। रिश्तेदारों के तानों से वह तनाव में आ गई और शुक्रवार को वह इंदौर से चलकर माता वैष्णोदेवी (कटरा) जाने वाली मालवा एक्सप्रेस के जनरल कोच में बैठ गई। स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने रेलवे पुलिस बल को सूचना दी। पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन को बुलाकर उसे सौंप दिया। चाइल्ड लाइन ने शनिवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा व सदस्य कोमल सिंह ,परवीन खान, दीप्ति सक्सेना व हरिकृष्ण सक्सेना ने उसकी काउंसलिंग की। समिति के पदाधिकारियों ने उसे समझाया और छात्रा के परिजनों को सूचना दी गई। भोपाल से परिजन आए और उसे अपने साथ घर ले गए। समिति ने परिजनों को भी समझाया कि छात्रा को किसी तरह की प्रताड़ना न दें ताकि वह शांति से जीवन जी सके।
