ललितपुर। गांवों में घर के पास इलाज की सुविधा देने के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 13 केंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के इस्तीफा देने के बाद इलाज और जांच की सुविधा प्रभावित हो गई है। अब ग्रामीणों को सामान्य उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय स्थित सीएचसी का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को समय और धन दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं।

शासन ने स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर के पास उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) शुरू किए थे। इन केंद्रों पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती की गई है। यहां सामान्य बीमारियों का उपचार करने के साथ ही लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। मरीज की बीमारी के आधार पर टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श और उपचार भी उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन विभागीय आंकड़ों के अनुसार, दो वर्ष पहले जिले में 96 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे थे। इसके बाद एक के बाद एक 13 सीएचओ ने इस्तीफा दे दिया। इससे 13 केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। वर्तमान में जिले में महज 83 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ही संचालित हो रहे हैं।

ये मिलती हैं सुविधाएं

आयुष्मान मंदिरों में 14 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, मधुमेह, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, सिलफिस, क्षय रोग, प्रग्नेंसी टेस्ट, यूरिन टेस्ट फॉर एल्ब्यूमिन आदि जांचें शामिल हैं।

ब्लाक बार बंद हुई स्वास्थ्य इकाइयां

ब्लॉक – स्वास्थ्य इकाई

तालबेहट – 04

मड़ावरा – 03

महरौनी – 02

बार – 02

बिरधा – 01

जखौरा – 01

कुल – 13

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आयुष्मान आरोग्य मंंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर कार्यरत सीएचओ की अन्य स्थानों पर नौकरी लग जाने के चलते त्यागपत्र देकर चले गए हैं। सीएचओ मिलने पर सुविधाएं शुरू की जाएंगी।

– डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर



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