झांसी। इनफ्लूएंजा के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अब गंभीर मरीज भी सामने आने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज में दो किशोर समेत तीन मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इनमें से दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। तीनों के सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भेजे गए हैं। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मंगलवार से अलग फ्लू ओपीडी शुरू कर दी गई।
प्रदेश में मंगलवार शाम तक स्वाइन फ्लू के 551 मरीज सामने आ चुके हैं। इसके बाद शासन के निर्देश पर झांसी में भी स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में मंगलवार को 113 मरीज पहुंचे। इनमें 40 से अधिक मरीजों में जुकाम, खांसी, तेज बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों में लालिमा और शरीर में दर्द जैसे लक्षण मिले। चिकित्सकों के अनुसार लक्षण इनफ्लूएंजा-ए से मिलते हैं। मरीजों को दवा देने के साथ संक्रमण से बचाव के लिए घर में एकांतवास की सलाह दी गई।
मेडिकल कॉलेज की फ्लू ओपीडी में भी 30 से अधिक मरीज पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार इनमें अधिकांश इनफ्लूएंजा-ए और कुछ मरीज इनफ्लूएंजा-बी श्रेणी के मिले। इन्हें दवा के साथ मास्क लगाने और घर में अलग रहने की सलाह दी गई।
दो किशोरों की हालत चिंताजनक
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बबीना निवासी 16 वर्षीय किशोरी और 17 वर्षीय किशोर को ऑक्सीजन बेड पर रखा गया है। दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। किशोरी को गंभीर निमोनिया की शिकायत है। डॉक्टर लगातार दोनों की निगरानी कर रहे हैं।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया कि दोनों के सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, मेडिसिन विभाग में मऊरानीपुर निवासी 70 वर्षीय वृद्ध को तेज बुखार और सांस लेने में गंभीर दिक्कत के चलते ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू के अनुसार वृद्ध का भी सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भेजा गया है।
आज से वैक्सीनेशन, 300 और वैक्सीन मांगी
सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए मेडिकल कॉलेज को 10, जिला और पुरुष अस्पताल को 25-25 तथा सीएचसी को वैक्सीन भेजी गई है। बुधवार से वैक्सीनेशन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से 300 अतिरिक्त वैक्सीन की मांग की गई है।
4704 वायल लेकर आएगी वीटीएम
मेडिकल कॉलेज में बुधवार को 48 वीटीएम बंडल पहुंचेंगे। इनमें 4704 वायल हैं। वीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) उपलब्ध होने के बाद संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे सैंपल के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता कम होगी।
इनफ्लूएंजा को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी में उपचार के लिए पर्याप्त दवाएं और व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। लक्षण सामने आने पर लोग जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह लें। – डॉ. शिशिर पुरी, सीएमओ
