बबीना। सेना में सफाई कर्मचारी की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लोगों से 2.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई में कथित देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रार्थनापत्र के अनुसार शिवपुरी जिले के कल्याण सिंह की मुलाकात बड़ौरा निवासी मनीराम से हुई। मनीराम ने सेना के अधिकारियों से जान-पहचान का दावा किया। उसने सेना में 10 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का झांसा दिया। मनीराम ने प्रत्येक व्यक्ति से 90 हजार रुपये लेकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। कल्याण सिंह, जितेंद्र और मलखान सिंह ने 22 फरवरी 2025 को 2.70 लाख रुपये नकद दिए। आरोपी ने 10-15 दिन में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय बीतने पर नौकरी नहीं लगी। पीड़ितों ने मनीराम से रुपये वापस मांगे। मनीराम ने केवल 10 हजार रुपये वापस किए। उसने शेष 2.60 लाख रुपये कुछ दिनों में देने की बात कही।
पुलिस कार्रवाई में देरी
शिकायत के बाद 21 जुलाई 2025 को एक राजीनामा हुआ। इसमें आरोपी ने बकाया रकम तीन माह में लौटाने का आश्वासन दिया था। राजीनामे की शर्त के बावजूद मनीराम ने रकम वापस नहीं की। 23 जून 2026 को पीड़ितों ने दोबारा रुपये मांगे, जिस पर विवाद हुआ और उन्हें धमकी दी गई। आरोपी ने 2.60 लाख रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि थाना बबीना में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 24 जून 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी को शिकायत भेजी गई, पर वहां से भी कार्रवाई नहीं हुई।
न्यायालय की शरण और जांच
कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने न्यायालय की शरण ली। 6 जुलाई 2026 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें थाना बबीना को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश देने की मांग की गई। अब इस मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है और पुलिस जांच कर रही है। जांच में रकम के लेन-देन, नौकरी के दावे का आधार और अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आएगी।
