झांसी। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में इन दिनों बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ मेनिनजाइटिस के मामले भी सामने आ रहे हैं। पिछले तीन दिन में पांच बच्चों को भर्ती कराया गया, जबकि बुधवार को मेनिनजाइटिस के लक्षण वाले चार नए बच्चों के सैंपल जांच के लिए लिए गए। वहीं, तेज बुखार के साथ दौरे पड़ने पर छह बच्चों को भी भर्ती किया गया।

बुधवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बुखार की शिकायत लेकर 30 बच्चे पहुंचे। इनमें छह बच्चों में इन्फ्लूएंजा-ए के लक्षण मिले। तेज बुखार से हालत बिगड़ने पर चार बच्चों को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।

बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया कि मेनिनजाइटिस और तेज बुखार की वजह से दौरे पड़ने वाले बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को तेज बुखार की शिकायत पर 15 बच्चों को भर्ती किया गया था। जांच में इनमें चार बच्चों में मेनिनजाइटिस की पुष्टि हुई। इसके अलावा तेज बुखार की वजह से दौरे पड़ने पर चार बच्चों को भर्ती किया गया। मंगलवार को एक बच्चे में मेनिनजाइटिस मिला, जबकि दो बच्चों को तेज बुखार के साथ दौरे पड़ने पर भर्ती किया गया।

यह होता है मेनिनजाइटिस

मेनिनजाइटिस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास मौजूद झिल्लियों में संक्रमण या सूजन होने की स्थिति है। यह वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण समेत विभिन्न कारणों से हो सकता है। इसमें तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक सुस्ती, बेहोशी और दौरे जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों में ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

महिला अस्पताल के मुख्य गेट पर बुखार की जांच

झांसी। इन्फ्लूएंजा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महिला जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर उपचार के लिए आने वाली महिलाओं की बुखार की जांच शुरू कर दी गई है। सीएमएस डॉ. राजनारायण ने बताया कि जांच में बुखार की पुष्टि होने पर संबंधित महिला को अलग से चिकित्सकीय जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है, ताकि अन्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।

इन्फ्लूएंजा-ए के मरीजों का उपचार

मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को इन्फ्लूएंजा-ए के लक्षण वाले मरीजों का उपचार किया गया। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. खुश्तर हैदर ने बताया कि बाल रोग, मेडिसिन और चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी विभाग की ओपीडी में बुखार की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। बाल रोग विभाग में 30, मेडिसिन में छह और चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी विभाग में 15 मरीजों में इन्फ्लूएंजा-ए के लक्षण मिले। मरीजों को दवा देने के साथ आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई। बाल रोग विभाग में छह और मेडिसिन में पांच बुखार के मरीजों को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि मेडिसिन की ओपीडी में करीब 60 मरीजों में इन्फ्लूएंजा-ए के लक्षण मिलने पर उपचार किया गया।

ये करें बच्चे को तेज बुखार होने पर

– बुखार उतरने तक हल्के गीले कपड़े से पोंछे

– सिर्फ बुखार उतारने की दवा पैरासिटामोल दें

– बुखार उतरने के बाद डॉक्टर से परामर्श लें



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