गरौठा। तहसील गरौठा क्षेत्र के ग्राम गुढ़ा में लगातार बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अत्यधिक बारिश, धसान नदी में बाढ़ और पोय नाला के उफान से खरीफ फसलें बर्बाद हो गईं। कई ग्रामीणों के मकान भी धराशायी हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि तिल और उड़द की फसलों में पूरा नुकसान हो चुका है। मूंगफली की फसल में जलभराव के कारण करीब 50 फीसदी नुकसान की संभावना है। बाढ़ और जलभराव से फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। कर्जदार किसान अपनी बर्बाद फसलों को देखकर चिंतित और बेबस हैं। बारिश से गांव के कई कच्चे मकान भी गिर गए। इससे गृहस्थी का सामान और पशुओं का भूसा भी नष्ट हो गया। किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराने व क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।संवाद
सिजारी बुजुर्ग में किसान का मकान गिरा, सामान नष्ट
मऊरानीपुर/सिजारी बम्होरी। क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिजारी बुजुर्ग निवासी सोनू दुबे खेती-किसानी करके किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। बुधवार को क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के दौरान उनके मकान की दीवारें ढह गईं और पूरा मकान धराशायी हो गया। अंदर रखा गृहस्थी का सामान भी बर्बाद हो गया। पीड़ित किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की। संवाद
फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दे प्रशासन
अतिवृष्टि से किसानों की मूंगफली, उड़द की फसलों को हुआ नुकसान
मोंठ। अतिवृष्टि से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने और फसलों का सर्वे कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने तहसील अध्यक्ष मनोज बनरसिया के नेतृत्व में एसडीएम मोंठ माज अख्तर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मूंगफली, उड़द सहित अन्य खरीफ फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसानों ने बताया कि क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इससे मूंगफली, उड़द समेत कई खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा प्रत्येक खेत का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का सही आकलन किया जाना जरूरी है।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा प्लॉट टू प्लॉट सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके और कोई भी प्रभावित किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे। किसानों ने सर्वे के आधार पर शासन से मिलने वाली मुआवजा राशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
इस पर एसडीएम माज अख्तर ने बताया कि अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का प्लॉट टू प्लॉट सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए नुकसान का मौके पर आकलन कराया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
ज्ञापन देने वालों में भानु प्रताप सिंह, सुरेश प्रसाद, रामजी परिहार, जितेंद्र दुबे, बालकिशन, विनोद गुप्ता, रामबाबू, पंकज कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
अतिवृष्टि में गिरे मकानों के पीड़ित परिवारों को मिले आर्थिक सहायता : अखिलेश
: प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर पात्र परिवारों को राहत राशि दिलाने की मांग
बंगरा। क्षेत्र में हुई लगातार भारी बारिश से पीड़ित किसानों का हाल बेहाल बना हुआ है जिस पर भारतीय किसान यूनियन मैदान में आ गई है लोगों की समस्या को देखते हुए प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश लिटोरिया ने कहा कि बंगरा सहित ग्राम बिजना,पलरा,मगरवारा, कटेरा, कचनेव,रजपुरा, पचवारा, चोकरी, तेजपुरा, मगरपुर, सिलगुवां आदि कई गांवों में भारी बारिश से निर्धनों के आशियाने उजड़ गए हैं, उनके रहने, भोजन और घरेलू सामान की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ऐसे परिवारों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए तत्काल राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंगरा राजेन्द्र सिंह लुहारी, पूर्व प्रधान सुरेश चंद्र बबेले बंगरा, समाजसेवी विभा राघवेंद्र पस्तोर बिजना ने प्रशासन से जल्द सहायता दिलाने की मांग की है।
