मोंठ। रविवार को मोंठ नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बुंदेली लोकसंस्कृति का अनूठा रंग देखने को मिला। बालिकाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सुआटा का विवाह संपन्न किया। इस दौरान बुंदेली लोकगीतों की गूंज से माहौल उत्सवमय हो गया। परंपरा के अनुसार, बालिकाओं ने घरों के बाहर और चौराहों पर मिट्टी की प्रतिमाएं बनाईं। उन्होंने लोकगीत गाए। सात दिन बाद, मिट्टी की झिंजिया में दीप प्रज्वलित कर घर-घर जाकर गीत गाए। इस दौरान उन्हें गेहूं, आटा और रुपये भेंट स्वरूप मिले। विवाह के अवसर पर कई स्थानों पर सामूहिक भोज का आयोजन हुआ। बैंड-बाजों और आतिशबाजी के साथ बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस परंपरा का निर्वहन किया। रात्रि में मोहल्ले के लोगों के सहयोग से मिट्टी की प्रतिमाओं का सामूहिक विसर्जन किया गया। संवाद
