बंगरा। कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से किसानों की फसलें तबाह हो चुकी हैं, खेतों में पानी भर गया है। खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है,जिसकी बजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर चुकी हैं।
विकासखंड में आने वाली 59 ग्राम पंचायतों में किसानों का हाल बेहाल है। बंगरा सहित ग्राम निमौनी, कगर, बिजना, बांसार, विजयगढ़, राजगिर, लठेसरा, सिजारा, अमनपुरा, रजपुरा, सनौरा, पचवारा क्षेत्र सहित विभिन्न ग्रामों के किसानों की फसलें भारी बारिश से बर्बाद हो गई हैं। इस संबंध में समाज सेविका विभा पस्तोर ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सूचना दे दी है। शासन प्रशासन किसानों की तत्काल मदद करे ताकि कोई परेशान न हो। उन्होंने सर्वे करवाने के लिए आश्वासित किया है। कई सालों से लगातार किसान प्रकृति की मार झेल रहा है और सरकारी कर्ज दिन प्रति दिन बढ़ता चला जा रहा है। बैंक लगातार किसानों को कर्ज चुकाने के लिए खबर देते हैं। क्षेत्रवासियों ने सरकार से किसानों का कर्ज अति शीघ्र माफ करने की मांग भी की है जिससे उनका गुजारा एवं जीवन यापन हो सके।
बोले समाजसेवी
भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष पचवारा ने बताया कि मौसम की मार से किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों के सामने परिवार का पालन पोषण करने का संकट है। जिम्मेदार अधिकारी प्लॉट टू प्लाट सर्वे कराकर सभी को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराएं और केसीसी माफ कराएं।
भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश लिटोरिया ने अपील करते हुए कहा कि बैंक किसानों को नोटिस भेजना बंद करे और किसानों के ऊपर अब दबाव न बनाया जाए। क्योंकि जब फसलें बर्बाद हो चुकी हैं तो कैसे किसान जीवन यापन करे, उन्होंने सरकार से आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की है।
