झांसी। नगर निगम की कार्यकारिणी चुनाव में बगावत का मामला तूल पकड़ गया है। चुनाव में शिकस्त का सामना करने वाली प्रत्याशी रितिका तिवारी ने भितरघात करने वाले चार पार्षदों के नाम भी बताए हैं। उन्होंने संगठन को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई होने तक चुप नहीं रहूंगी।
नगर निगम में बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी का चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा की ओर से पांच प्रत्याशी की घोषणा होते ही पार्टी की पार्षद नीता यादव बागी हो गई थीं। उन्होंने नामांकन कर दिया दिया था। फिर मतदान से कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। इसमें बागी नीता यादव तो चुनाव जीत गईं लेकिन भाजपा की ओर से घोषित प्रत्याशी रितिका चुनाव को हार का सामना करना पड़ा। इससे संगठन की खूब किरकिरी हुई।
चर्चा यह भी रही कि संगठन के एक पदाधिकारी की कार्यशैली से पार्टी के नेता भी खुश नहीं हैं। ऐसे में बागियों को मनाने का बहुत प्रयास नहीं हुआ। बाद में विजयी सदस्यों के प्रमाणपत्र वितरण के दौरान मेयर को छोड़कर न तो कोई जनप्रतिनिधि नजर आया और न ही संगठन का कोई पदाधिकारी।
अब रितिका तिवारी ने भितरघात करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिलाध्यक्ष को सौंपे शिकायती पत्र में चार पार्षदों के नाम लिखते हुए इनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि इनकी गतिविधियां और विपक्ष के साथ उनकी मौजूदगी गंभीर संदेह का विषय रही। इनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान में शामिल सभी सदस्यों की सूची और वास्तविक मतदान की जांच कराई जाए। खराब मतपत्र और क्रॉस वोटिंग से संबंधित तथ्यों की जांच की जाए। चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों से स्पष्टीकरण लिया जाए। यदि किसी व्यक्ति की अनुशासनहीनता अथवा पार्टी विरोधी गतिविधि प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाए।
रितिका के पक्ष में मतदान के लिए ये नाम हुए थे तय
– विधायक रवि शर्मा
– प्रत्याशी रितिका तिवारी
– प्रस्तावक प्रियंका साहू
– दिनेश प्रताप सिंह
– राहुल कुशवाहा
– बालस्वरूप साहू
– विष्णु यादव
– कैलाश नारायण
– अरविंद झा
भाजपा के एक प्रत्याशी को भी घेरा, खड़े किए सवाल
भाजपा की ओर से घोषित किए गए पांच में से एक पुरुष प्रत्याशी को लेकर भी रितिका ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष प्रत्याशी के पक्ष के लिए तय एक वोटर ने विपक्ष के पक्ष में मतदान कर दिया। ऐसे में पुरुष प्रत्याशी के वोट कम हो गए थे। इस कारण चुनाव प्रक्रिया और मतों के डायवर्ट होने को लेकर गंभीर प्रश्न खड़ा हो रहा है। यह भी शिकायत मिली है कि कुछ लोगों ने मतदाताओं को प्रभावित करने, आर्थिक प्रलोभन देने का प्रयास किया।
