आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग और प्रदेश का मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी चुनावों को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को एक सप्ताह के भीतर सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार चुनाव से चार माह पूर्व सेक्टर अधिकारियों की तैनाती आवश्यक है। लिहाजा संवेदनशील और सक्षम अधिकारियों को ही यह जिम्मेदारी दी जाए। नियुक्ति के तुरंत बाद जिलास्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के जरिये इन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
मूलभूत सुविधाओं का होगा स्थलीय निरीक्षण
रिणवा ने निर्देश दिए कि सेक्टर अफसरों को वल्नरेबिलिटी मैपिंग से जुड़ा ”फॉर्मेट वीएम-1” समय पर उपलब्ध कराया जाए। इसमें पिछले चुनावों में दर्ज आपराधिक मुकदमों, जातिगत हिंसा, आचार संहिता उल्लंघन, जब्ती और पुनर्मतदान जैसी संवेदनशील जानकारियों का विवरण रहता है। इसके आधार पर अधिकारी अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
इसके साथ ही सेक्टर अफसरों को अपने-अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) का स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान बूथों तक पहुंचने वाले रास्तों, बिजली, पानी, शौचालय, फर्नीचर, रैंप और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की जांच की जाएगी। कमी पाए जाने पर संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर उन्हें समय रहते दुरुस्त कराया जाएगा।
मोबाइल नेटवर्क मुहैया कराने के निर्देश
बैठक में क्रिटिकल (संवेदनशील) मतदेय स्थलों की सूची समय से तैयार करने और बिना मोबाइल नेटवर्क वाले बूथों को चिह्नित कर टेलीकॉम कंपनियों के जरिए नेटवर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए। वहीं, ईवीएम वेयरहाउस के मासिक निरीक्षण और सुरक्षा मानकों पर जोर देते हुए सीईओ ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का 30 दिन का बैकअप होना अनिवार्य है। वर्तमान में चल रही प्रथम स्तर की चेकिंग की अवधि में वेयर हाउस में सीपेज या दीमक जैसी समस्याओं को तुरंत ठीक कराया जाए। स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक और थानाध्यक्षों को भी वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
