ललितपुर। जनपद मुख्यालय के अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर रोडवेज बसों को निर्धारित स्थान पर खड़ा होना कठिन है। निजी बसें रोडवेज के आगे खड़ी होकर प्रवेश-निकास बाधित कर रही हैं।
अप्रैल 2016 में जिला प्रशासन ने बैठक की थी। इसमें उप जिलाधिकारी, एआरटीओ व परिवहन निगम के अधिकारी शामिल थे। बैठक में रोडवेज के लिए दक्षिण और निजी बसों के लिए उत्तर दिशा तय हुई। सीमांकन के लिए लाइनें भी खींची गईं। कोविड काल के बाद अगस्त 2026 में रोडवेज बसों का संचालन फिर शुरू हुआ। अब निजी बसें रोडवेज के निर्धारित स्थान पर खड़ी रहती हैं, जिससे उन्हें कम जगह मिलती है। फल और हाथठेला की दुकानें भी आगे लग जाती हैं। इससे यात्रियों को बसें नजर नहीं आतीं और परिचालकों में कहासुनी होती है। जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के आगे निजी बसें खड़ी हो रही हैं। ऐसे में निर्धारित स्थान को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन को पत्राचार किया गया है।- उमेश चंद्र आर्य, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम
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रोडवेज बसें समय से चलाने की मांग
ललितपुर। जनपद में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की रोडवेज बसें बिना समय सारिणी के चल रही हैं, जिससे निजी बस संचालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस समस्या पर जिला बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने परिवहन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को सौंपा है, जिसमें जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महासचिव अवधेश कौशिक ने बताया कि परिवहन निगम को 16 मार्गों पर स्थायी परमिट स्वीकृत हुए थे। इन रूटों पर बसों के संचालन का समय भी निर्धारित था। लेकिन वर्तमान में समय का पालन नहीं हो रहा है। एसोसिएशन ने इसे तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अन्यथा सभी निजी बस संचालक बस संचालन बंद कर देंगे। संवाद
