झांसी। थाना प्रेमनगर के स्कूलपुरा मोहल्ला निवासी मथुरा प्रसाद के बैंक खाते से साइबर जालसाजों ने 3.34 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, एक ही दिन में उनके खाते से 20 ऑनलाइन लेनदेन किए गए। इस मामले में प्रेमनगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मथुरा प्रसाद ने पुलिस को बताया कि 2 अक्तूबर को अपराह्न 3:45 बजे उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। कुछ देर बात करने के बाद उन्होंने कॉल काट दी थी। इसके तुरंत बाद उनके डेबिट कार्ड से रकम कटनी शुरू हो गई। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कोई ओटीपी, पासवर्ड या पिन साझा नहीं किया। न ही किसी लिंक को डाउनलोड किया था। रकम कटने का पता उन्हें कुछ देर बाद संदेश आने पर चला। उन्होंने तुरंत ग्राहक सेवा से संपर्क कर अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक कराया। प्रेमनगर थाना प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
कॉल मर्जिंग की आशंका
साइबर जानकार बताते हैं कि जालसाज बिना ओटीपी और पिन नंबर पूछे भी खाते से पैसा निकाल सकते हैं। वे पहले पीड़ित को किसी परिचित या बैंक कर्मचारी के रूप में विश्वास में लेते हैं। फिर किसी परिचित से बात कराने या सत्यापन के बहाने कॉल मर्ज करने के लिए कहते हैं। इसी दौरान ठग किसी खाते में लॉगिन या सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। ओटीपी को एसएमएस के बजाय वॉयस कॉल से भेजने का विकल्प चुनते हैं।
जालसाजी का तरीका और बचाव
जैसे ही पीड़ित कॉल को बातचीत में जोड़ता है, ओटीपी जालसाज तक पहुंच जाता है। इस तरीके से भी जालसाज लोगों के पैसे निकालते हैं। साइबर विशेषज्ञ डॉ.राजीव ने सलाह दी है कि इससे बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति की कॉन्फ्रेंस कॉल कभी स्वीकार न करें।
