झांसी। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की सेंट्रल आईसीयू की सीलिंग बृहस्पतिवार-शुक्रवार की रात भरभराकर गिर गई। इससे मरीजों, नर्सिंग कर्मियों और तीमारदारों में चीख-पुकार व भगदड़ मच गई। गनीमत रही भर्ती पांचों मरीजों को चोट नहीं आई। हादसे की सूचना पर कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचा। रोगियों को अन्य वार्डों में शिफ्ट कराने के बाद मरम्मत होने तक आईसीयू को बंद कर दिया गया है।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की चौथी मंजिल पर 20 बेड की सेंट्रल आईसीयू बनी हुई है। इसमें बेहद गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाता है। वार्ड में महिला समेत पांच रोगी भर्ती थे। जिनकी निगरानी ड्यूटी डॉक्टर, नर्सिंग कर्मी कर रहे थे और परिजन बाहर बैठे थे। रात करीब डेढ़ बजे अचानक दो सीलिंग प्लेट गिरीं, जब तक डॉक्टर व नर्सिंगकर्मी कुछ समझ पाते तब तक एक हिस्से की पूरी सीलिंग गिर गई और बिजली के तार लटक गए। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की गंभीरता देख तत्काल भर्ती रोगियों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट कराया। इसके बाद मरम्मत होने तक के लिए आईसीयू के बंद कर दिया गया है।
सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि कॉलेज में वेंटिलेटर की कमी नहीं है। अधिकांश विभागों के वार्डों में वेंटिलेटर हैं। सेंट्रल आईसीयू के वेंटिलेटरों को भी जरूरत के हिसाब से वार्डों में भेजा जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष को आदेश कर दिए हैं कि वार्ड की मरम्मत होने तक गंभीर रोगियों को वार्डों में ही वेंटिलेटर पर रखा जाए।
विशेषज्ञ इंजीनियरों की मांगी मदद
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की सीलिंग लगातार गिर रही है, जिसे रोकने के लिए मंडलायुक्त से इंजीनियरों का तकनीकी सहयोग मांगा है। सूत्र बताते हैं कि डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने मंडलायुक्त को पूरे मामले से अवगत कराते हुए विशेषज्ञ इंजीनियरों का सहयोग मांगा है, ताकि लगातार सीलिंग गिरने की घटनाओं को रोका जा सके। इस पर मंडलायुक्त ने इंजीनियरों की टीम को भेजने का भरोसा दिया है।
