झांसी। घर था, खेत थे और मान सम्मान भी बहुत था, लेकिन देश के बंटवारे के दंश ने एक झटके में शरणार्थी बना दिया था।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
झांसी। घर था, खेत थे और मान सम्मान भी बहुत था, लेकिन देश के बंटवारे के दंश ने एक झटके में शरणार्थी बना दिया था।
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