झांसी। छात्रा संजना की आत्महत्या ने सिस्टम की बड़ी खामी को उजागर किया है। छात्रवृत्ति पाने के लिए वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से लेकर समाज कल्याण विभाग तक के चक्कर काटती रही, लेकिन हर जगह से उसके हाथ निराशा ही मिली।
Source link
खबर वहीं जो सत्य हो©
झांसी। छात्रा संजना की आत्महत्या ने सिस्टम की बड़ी खामी को उजागर किया है। छात्रवृत्ति पाने के लिए वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से लेकर समाज कल्याण विभाग तक के चक्कर काटती रही, लेकिन हर जगह से उसके हाथ निराशा ही मिली।
Source link