झांसी। अवैध वसूली करके फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले की एडी हेल्थ के आदेश के 24 घंटे बाद भी जांच शुरू नहीं हुई है। इसकी वजह जांच के लिए टीम का गठन नहीं होना है।
बताते चलें, जिला अस्पताल के रक्त केंद्र प्रभारी ने भंडाफोड़ किया कि उनके नाम से फर्जी मेडिकल सार्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। खुलासा किया कि फर्जी सर्टिफिकेटों पर लगी मुहरों में अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर है। सीधे आरोप लगाया मेडिकल ऑफीसर पुलिस लाइन इसमें लिप्त हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम व एसएसपी से की, जिस पर एडी हेल्थ डॉ. एसके सोनी ने बुधवार को सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी को जांच के आदेश दिए। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. रवि शंकर को जांच करके रिपोर्ट मांगी है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार की शाम तक डिप्टी सीएमओ ने जांच के लिए टीम गठित नहीं की है। चर्चा है कि पूर्व की भांति जांच को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी है।
वहीं, एडी हेल्थ का कहना है कि मामला काफी गंभीर है, इसलिए दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। चूंकि सीएमओ को यथासंभव शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं, इसलिए एक सप्ताह में रिपोर्ट के बावत रिमांइडर भेजा जाएगा।
