कानपुर में ग्रामीण विकास की रीढ़ मनरेगा योजना इस समय जिले में सबसे खराब स्थिति में है। वित्तीय वर्ष 2026-27 शुरू होने के तीन महीने बाद भी 590 ग्राम पंचायतों में से 466 में एक भी नया कार्य शुरू नहीं हो सका है। दूसरी ओर विभाग पिछले तीन वर्षों से 10,712 अधूरे कार्यों का बोझ ढो रहा है। नतीजा यह है कि गांवों में विकास कार्य लगभग ठप हैं और रोजगार के अभाव में मजदूर योजना से दूर हो गए हैं।



एक जुलाई से मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी-रामजी) योजना लागू होने जा रही है। इससे अधिकारियों के लिए अधूरे कामों के पहाड़ के बीच नई योजना वीबीजी-रामजी के तहत नई कार्ययोजना बनाना और विकास कार्य शुरू कराना बड़ी चुनौती साबित होगा। मनरेगा योजना में इस समय हालात ऐसे हैं कि करीब 60 हजार जॉब कार्डधारकों वाले जिले में केवल 268 मजदूरों को ही काम मिल रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *