आर्म्स एक्ट के तहत निचली अदालत से सजा पाए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने बरी कर दिया है। कर्रही चौराहे पर 13 अगस्त 1991 की रात किदवईनगर निवासी राकेश सचान, घाटमपुर निवासी दिनेश चंद्र सचान और ड्राइवर घाटमपुर निवासी विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था। तत्कालीन एसओ बृजमोहन उदेनिया ने नौबस्ता थाने में राकेश सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


आरोप था कि राकेश के पास से एक राइफल और नाै कारतूस, दिनेश के पास से एक सिंगल बैरल ब्रीच लोडिंग (एसबीबीएल) गन बरामद हुई थी। दोनों ही असलहों का लाइसेंस नहीं दिखा सके थे। ड्राइवर भी गाड़ी के कागज और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिखा सका था। ड्राइवर के खिलाफ एमवी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। दिनेश और राकेश के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा चला। दिनेश और विनोद का मुकदमा पहले ही खत्म हो चुका था। राकेश की फाइल अलग करके एमपीएमएलए कोर्ट भेजी गई थी जिसके चलते मुकदमा लंबित रहा और 31 साल बाद फैसला आ सका था।

 



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