ड्रग विभाग ने छापा मारकर उत्तराखंड में बनाई गई दर्द की नकली दवा की 16 हजार टैबलेट बिरहाना रोड स्थित योगी फार्मा में बरामद की हैं। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद ने बताया कि दवा असली है या नकली इसकी पुष्टि के लिए उसका सैंपल लखनऊ स्थित राजकीय प्रयोगशाला भी भेजा गया है।
पुडुचेरी के बाद उत्तराखंड में नकली दवा बनाने का काला कारोबार सामने आया है। औषधि विभाग को आगरा के मेडिकल फर्म की जांच में नकली दवा मिली थी। यहीं पर साक्ष्य मिले थे कि नकली दवाएं कानपुर में बेची गई हैं। इसके बाद शहर में ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद ने योगा फार्मा में छापा मारा। वहां उन्हें ऑक्सलजिन डीपी की करीब 16 हजार टैबलेट मिलीं जिन्हें सीज कर दिया गया है। संचालक अब वह दवा नहीं बेच सकते। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नामी कंपनी ने ब्रांड के नाम पर नकली दवा की बिक्री की शिकायत की थी ये दवा दर्द की है। इसके बाद छापा मारकर दवा को सीज कर दिया गया है।
