गैंगस्टर शौकत अली की लगभग सवा करोड़ रुपये की चार संपत्तियों को रिलीज करने की अर्जी एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने खारिज कर दी है। शौकत समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का साथी है। पुलिस कमिश्नर के 11 नवंबर 2024 के आदेश से गैंगस्टर शौकत अली की गज्जूपुरवा स्थित संपत्ति 295.51 वर्ग मीटर पर टावर संख्या- एक व दो में बने 14-14 फ्लैट, 289.06 वर्ग मीटर में बने टावर संख्या-तीन और सिविल लाइंस स्थित एक मकान को कुर्क किया गया था।
शौकत की ओर से तर्क रखा गया कि उसने यह संपत्तियां 11 नवंबर 2009 और तीन जुलाई 2013 को रजिस्ट्री से खरीदी। हालांकि, इन्हें खरीदने के संबंध में वर्ष 2009 व 2013 में आय का कोई वैध स्रोत नहीं बता सका। रुपये इकट्ठा करने के संबंध में जो सबूत पेश किए गए वह वर्ष 2020-2021 से संबंधित थे।
कोर्ट ने माना कि इससे साफ है की संपत्तियां खरीदते समय शौकत के पास उन्हें खरीदने के लिए आय का कोई वैध स्रोत नहीं था। कोर्ट ने कहा कि जाजमऊ थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस कमिश्नर ने गैंगस्टर एक्ट के तहत शौकत की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। आदेश से पहले शौकत को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी जारी किया था और पूरी प्रक्रिया का इस्तेमाल करने के बाद ही कुर्की का आदेश जारी किया गया। आदेश को सही ठहराते हुए कोर्ट ने शौकत व उसकी पत्नी आयशा बेगम की ओर से दाखिल की गई अर्जियां खारिज कर दीं।