आपसी झगड़े में पति की मौत और उसके शव को जमीन में गाड़ देने वाली पत्नी को अपर जिला जज 19 अभय प्रकाश नारायण ने गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आठ साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के बच्चों को मिलेगी।

बिधनू निवासी मथुरा प्रसाद के छोटे बेटे उमेश कुमार यादव का विवाह मोनिका यादव से हुआ था। आरोप है कि उमेश हैलट में एंबुलेंस चलाता था और अक्सर शराब के नशे में घर लौटकर पत्नी से झगड़ा करता था। 31 जनवरी 2023 को उमेश गांव आया था। एक फरवरी को पिता से रास्ते में मिला उसने घर बुलाया। इस पर उमेश ने दो फरवरी को घर आने के लिए कहा था। बेटे के घर न आने पर मथुरा उमेश से मिलने उसके घर पहुंच गया। पूछने पर बहू मोनिका ने उमेश के सोने की बात बताई जिस पर मथुरा को शक हुआ तो उसने अपने बेटों नरेंद्र सिंह, मुनेश व लालू को बुलाया। सभी लोग उमेश के घर में घुसे और बेड हटाकर देखा तो रोंगटे खड़े हो गए। उमेश का शव आधा जमीन में गड़ा हुआ था।

मथुरा ने बहू मोनिका के खिलाफ बिधनू थाने में हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतक के पिता, भाई, बहनोई व पड़ोसी समेत 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मोनिका को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई। मोनिका तीन साल से जेल में ही बंद है।



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