महिलाओं को न्याय, आत्मविश्वास और कानूनी जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से सखी केंद्र द्वारा लॉयर्स एसोसिएशन के पं. रामकुमार शुक्ल सभागार में महिला अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 51 मामलों में 32 वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पीड़ितों को कानूनी सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन पुष्पा तिवारी ने किया।
महिला अदालत में पीड़ित महिलाओंं ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और अपने मुकदमों की कमियों को जानकर उनके समाधान के संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सलाह ली। यहां घरेलू हिंसा के 16, दहेज उत्पीड़न के नौ, पारिवारिक हिंसा के छह, यौन हिंसा के तीन, पति-पत्नी विवाद में तीन, प्रेम संबंधी विवाद में चार, छेड़छाड़ के दो और संपत्ति विवाद में दो मामले पंजीकृत किए गए थे। सखी केंद्र की महामंत्री नीलम चतुर्वेदी ने महिलाओं को संबोधित करतेे हुए कहा कि आप पीड़ित नहीं योद्धा हैं जो घर से बाहर निकलकर अपनी लड़ाई लड़ रही हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने वैवाहिक विवादों को सामंजस्य व संवाद से हल करने पर जोर दिया। लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा, महामंत्री राजीव यादव, बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सोनल पाठक व महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा को प्रतीकचिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान हेमंत तिवारी, हरिकृष्ण शुक्ला, नीरू चौहान, ज्योति मिश्रा, सरोज श्रीवास्तव, शिवेंद्र पांडे, करीम अहमद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
