न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi

Updated Thu, 23 Jul 2026 09:08 AM IST

Kanpur News: सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्थाओं से परेशान होकर मरीज बीच में ही इलाज छोड़कर जाने लगे हैं। मुरारीलाल चेस्ट अस्पताल में तो जून महीने में भर्ती हुए 450 मरीजों में से 381 बिना बताए चले गए। इसके अलावा हैलट, उर्सला और कांशीराम अस्पताल में भी बड़ी संख्या में मरीज डीओपीआर और लामा के रूप में सामने आए हैं।


Kanpur 84% of patients have left Murarilal Chest Hospital conditions are poor at Ursula DOPR cases in Hallet

डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल
– फोटो : amar ujala



विस्तार

कानपुर में सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे मरीज अव्यवस्थाओं के दर्द से कराह कर बीच में ही इलाज छोड़कर लौट रहे हैं। शहर के प्रमुख अस्पतालों में बिना बताए जाने वाले मरीज (लामा) और मरीज के अनुरोध पर डिस्चार्ज (डीओपीआर) के बढ़ते आंकड़े स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बयां कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति मुरारीलाल चेस्ट अस्पताल की है जहां जून में भर्ती हुए 450 मरीजों में से 381 बिना बताए चले गए।



यानी भर्ती मरीजों में आधे से अधिक अस्पताल की व्यवस्थाओं से परेशान होकर गायब हो गए। इस अस्पताल में जून में 58 मरीजों की मौत हुई जबकि केवल 11 मरीजों का इलाज अभी भी जारी है। सूत्रों के अनुसार मुरारीलाल अस्पताल से मरीजों के जाने का मुख्य कारण व्यवस्थाओं में कमी बताई जा रही है। अस्पताल में लिफ्ट लंबे समय से खराब है। सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *