संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा

Updated Wed, 15 Apr 2026 12:03 AM IST

Khalsa Sajna Diwas celebrated with enthusiasm on Baisakhi festival

फोटो 10::::गुरुद्वारे में कार्यक्रम प्रस्तुत करती संगत। स्रोत स्वयं



इटावा। खालसा साजना दिवस बैसाखी का त्योहार उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। गुरुद्वारा गुरुतेग बहादुर साहिब धार्मिक जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने अखंड पाठ में भाग लिया और सभी के भले के लिए अरदास की। गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष तरन पाल सिंह कालरा ने बैसाखी को समृद्धि, खुशियों और संकल्प का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1699 में इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। गुरु गोविंद सिंह ने पांच सिखों की परीक्षा ली थी। उनकी निष्ठा और समर्पण देखकर गुरु साहिब ने उन्हें अमृत छकाया। इन पांच सिखों को पांच प्यारों का नाम दिया गया। गुरु साहिब ने स्वयं भी पांच प्यारों से अमृत ग्रहण किया। अमृत छकाना धर्म और देश के लिए कुर्बानी का संकल्प था। इस दिन नवजात बच्चों का नामकरण कर उन्हें अमृतपान भी कराया जाता है। गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी ने नवजात बच्चों का नामकरण किया और उन्हें अमृतपान कराया। अखंड पाठ साहिब करवाने वाले दीपिंदर अरोड़ा को सिरोपा भेंट किया गया। बैसाखी पर सभी के भले की अरदास की गई। संगत ने बड़े चाव से लंगर प्रसाद चखा। गुरुद्वारा कमेटी ने सभी का आभार जताया और बैसाखी की बधाई दी।


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