एलपीजी गैस सिलिंडर का असर घर की रसोई से लेकर शिक्षा की रसोई तक साफ नजर आने लगा है। एलपीजी गैस सिलिंडर जहां बुकिंग के बाद भी 10 से 15 दिन में मिल रहा है। वहीं, क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में भी एलपीजी की समस्या के कारण मिड-डे मील का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है।

प्राथमिक विद्यालय धांधूपुरा की प्रधान अध्यापिका के छुट्टी पर होने के कारण शिक्षा मित्र रजनी ने बताया कि गैस सिलिंडर समय से न मिल पाने के कारण मिड-डे मील का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनवाना पड़ रहा है। बुकिंग की गई है, सिलिंडर आने पर उसी पर बनेगा। प्राथमिक विद्यालय करभना के सहायक अध्यापक प्रेमचंद ने बताया कि एलपीजी गैस सिलिंडर की समस्या है। लेकिन इंतजाम कर बच्चों का मिड डे मील गैस पर ही बन रहा है।

प्राथमिक विद्यालय मियां पुर में मिड-डे मील का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है रसोइया रंपो देवी ने बताया कि सिलिंडर घर के लिए तो मिल नहीं रहा है, स्कूल के लिए कहां से आएगा। लकड़ी के चूल्हे पर मिड-डे मील बनाना पड़ रहा है। एलपीजी सिलिंडर की समस्या के कारण क्षेत्र में स्थित लगभग 50 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में मिड-डे मील का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है।

एबीएसए बरौली अहीर महेश चंद्र पटेल ने बताया कि क्षेत्र के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कम्पोजिट विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को मिड-डे मील का भोजन एलपीजी गैस सिलिंडर पर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिन विद्यालयों को समस्या है, वे अवगत कराएं, व्यवस्था कराया जाएगा। 

 



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