बरेली में रसोई गैस की किल्लत के बीच 51 हजार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी से एलपीजी रिफिल कराने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पेट्रोलियम कंपनियां पीएनजी उपभोक्ताओं को चिह्नित कर ब्लॉक कर रही हैं। वहीं, पीएनजी कनेक्शन के लिए चार सौ नए आवेदन हुए हैं।
एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने के बाद लोगों का रुझान पीएनजी की ओर बढ़ा है। शहर के अति सघन इलाकों को छोड़कर करीब 75 फीसदी क्षेत्र में पीएनजी लाइन बिछी है। इन क्षेत्रों के 95 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके पास एलपीजी कनेक्शन भी थे, जिसे सरेंडर नहीं किया। अब रसोई गैस की किल्लत से राहत के लिए पीएनजी उपभोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्वैच्छिक रूप से एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर कर दें। अन्यथा की स्थिति में डेटाबेस से मिलान के बाद रिफिल प्रक्रिया ब्लॉक कर दी जाएगी।
सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के अधिकारी अभिषेक राहिल के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति हो रही है, वहां जिन्होंने अब तक कनेक्शन नहीं लिए थे, वे अब आवेदन कर रहे हैं। बिल बकाया की वजह से जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए थे, वह भी बकाया भुगतान कर आपूर्ति सुचारु कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
