खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने फर्जी बिल बनाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। 18 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने शुक्रवार को अमीनाबाद समेत कई स्थानों पर छापा मारा था। इस दौरान 13 से अधिक दवा फर्मों की गहन जांच की गई। कार्रवाई में एक अवैध गोदाम से 15.50 लाख रुपये की दवाएं जब्त की गईं और कई फर्मों को सील किया गया।
एफएसडीए के सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि गिरोह बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के फर्जी बिल तैयार करता था। बैंक खातों में धनराशि का कोई वास्तविक हस्तांतरण नहीं होता था। दवाओं की भौतिक आवाजाही भी नहीं होती थी। इसके बावजूद फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इन्हीं कागजी लेनदेन के आधार पर नकली और संदिग्ध दवाओं का बाजार में वितरण तंत्र संचालित हो रहा था। जांच में कई थोक दवा फर्मों और एजेंटों की संलिप्तता सामने आई है। संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच दवाओं के नमूने लिए
टीम ने अमीनाबाद स्थित मिश्रा एसोसिएट्स के अवैध गोदाम पर छापा मारा। इस कार्रवाई में 15.50 लाख रुपये की दवाएं जब्त की गईं। यहां से पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। नेटवर्क से जुड़ी कई फर्मों का निरीक्षण कर उनकी बिलिंग और खाताबही की विस्तृत जांच शुरू की गई है। जांच पूरी होने तक इन फर्मों के क्रय-विक्रय और संचालन पर रोक लगा दी गई है। जब्त दवाओं को सील कर दिया गया है।
नकली दवाओं के अंतरराज्यीय तंत्र पर कार्रवाई
सहायक आयुक्त ने बताया कि नकली दवाओं के अंतरराज्यीय तंत्र को पूरी तरह खत्म करना है। इसी क्रम में विभिन्न फर्मों से कुल 32 दवा नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
