भीषण गर्मी और तपन के बीच ट्रेनों का सफर यात्रियों के लिए अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण ट्रेनों के भीतर यात्री बीमार पड़ रहे हैं। ताजा मामला छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस और राप्तीसागर एक्सप्रेस का है, जहां एसी कूलिंग पूरी तरह ठप होने और अत्यधिक गर्मी के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, दस्त और दम घुटने की शिकायत के बाद ऐशबाग स्टेशन पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

गाड़ी संख्या 15053 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच (ए-1) के यात्रियों ने बताया कि बोगी के एसी यूनिट ने अचानक काम करना बंद कर दिया। बाहर की गर्मी और अंदर डिब्बे में वेंटिलेशन न होने से पूरा कोच कुछ ही देर में गर्म भट्ठी में तब्दील हो गया। यात्री विनायक द्विवेदी और ज्ञानेश्वर पांडेय ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन को टैग करते हुए गुहार लगाई कि डिब्बे में हवा न होने से बुजुर्गों और बच्चों का दम घुटने लगा है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई बच्चों और बुजुर्गों को लगातार उल्टियां होने लगीं। यात्रियों ने तुरंत तकनीकी और मेडिकल टीम भेजने की मांग की, जिसके बाद अगले बड़े स्टेशनों पर ट्रेन को अटेंड किया गया।

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ऐसी ही एक अन्य घटना गाड़ी संख्या 12521 राप्तीसागर एक्सप्रेस में भी सामने आई। ट्रेन में दो यात्रियों को डायरिया (दस्त) और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद जैसे ही ट्रेन ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंची, वहां ऐशबाग पॉलीक्लीनिक के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तिवारी और उनकी पैरामेडिकल टीम ने कोच के भीतर ही मरीज बने यात्रियों का प्राथमिक उपचार शुरू किया, उन्हें ओआरएस, दवाएं और जीवन रक्षक इंजेक्शन दिए, जिसके बाद उनकी स्थिति सुधरी।



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