ट्रांसपोर्टनगर व देवा रोड कार्यालयों में हुई कार्रवाई

सीसीटीवी, रिकाॅर्ड रूम, काउंटरों की हुई जांच

लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में शनिवार सुबह उस वक्त ऊहापोह की स्थिति पैदा हो गई, जब अयोध्या परिक्षेत्र के उपपरिवहन आयुक्त राजकुमार सिंह औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। उन्हें कार्यालय में तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले। प्राइवेट डीएल कर्मियों के पास आईडी नहीं थे। ऐसे ही देवा रोड एआरटीओ में अपर परिवहन आयुक्त, प्रशासन चित्रलेखा सिंह व उपपरिवहन आयुक्त लखनऊ परिक्षेत्र राधेश्याम की टीम ने निरीक्षण किया, जहां दो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। टीमों ने सीसीटीवी, रिकाॅर्ड रूम व काउंटरों की जांच की। आवेदकों से फीडबैक भी लिया।

दरअसल, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की ओर से हाल ही में प्रदेशभर के आरटीओ-एआरटीओ में निरीक्षण की रूपरेखा तैयार की गई। इसके तहत सभी जिलों में कार्यालयों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी साैंपी गई। इसी क्रम में ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में अयोध्या परिक्षेत्र के उपपरिवहन आयुक्त राजकुमार सिंह जांच के लिए पहुंचे। एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह, एमवीआई प्रशांत कुमार, विष्णु कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन आलोक यादव भी निरीक्षण के दाैरान उपस्थित रहे। एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उपपरिवहन आयुक्त ने अनाधिकृत व्यक्तियों के सम्बन्ध में पूछताछ की। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जांची। साथ ही फिटनेस सेंटर का भी निरीक्षण किया। इतना ही नहीं कर्मचारियों की उपस्थिति जांची, जिसमें तीन कर्मचारी बाबू केके दुबे, अभिषेक शर्मा व चपरासी मंजू रानी अनुपस्थित मिलीं। जबकि प्रधान सहायक अमित श्रीवास्तव छुट्टी पर थे।

बदल गए हालात, दलाल गायब, रजिस्टर पर एंट्री

ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में शनिवार सुबह से हालात बदले हुए नजर आए। आरटीओ के बाद दलालों के जो सिंडिकेट काम करते थे, वे गायब मिले। सन्नाटा पसरा हुआ था। इतना ही नहीं मुख्य गेट पर रजिस्टर में एंट्री के बाद ही आवेदकों को जाने दिया जा रहा था। इतना ही नहीं सारथी भवन में भी रजिस्टर मेंटेन किया जा रहा था। जिन पटलों पर अमूमन दलाल नजर आते थे, वे शनिवार को गायब रहे। रजिस्टर में एंट्री की व्यवस्थाएं अच्छी हैं, पर यह कितने दिन चलेंगी, देखना दिलचस्प होगा।

देवा रोड: दो कर्मी अनुपस्थित, प्राइवेटकर्मियों के पास नहीं थे आईकार्ड

दूसरी ओर अपर परिवहन आयुक्त, प्रशासन चित्रलेखा सिंह व उपपरिवहन आयुक्त राधेश्याम की टीम ने के साथ एआरटीओ देवा रोड का निरीक्षण किया। इस दाैरान एआरटीओ के बाहर व परिसर में खड़े लोगों से पूछताछ की गई। उनके कार्यालय आने का कारण व सुविधाओं का फीडबैक लिया। उनके पहचानपत्र देखे गए, ताकि दलालों के प्रवेश को रोका जा सके। डीएल प्रिंटिंग कामकाज देखने वाले प्राइवेट कर्मियों के पास कोई भी आईडी कार्ड नहीं थे। एआरटीओ हिमांशु जैन ने बताया कि कम्पनी की ओर से कर्मियों को आईडी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके बाद कार्यालय के अटेंडेंस रजिस्टर जांचे गए। इसमें दो कर्मचारी चपरासी दीपक कुमार व बाबू गजेंद्र सिंह उनुपस्थित मिले। उनके वेतन को रोकने के निर्देश दिए गए। 

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित

आरटीओ-एआरटीओ में छापेमारी, दलाल फरार, पांच कर्मी अनुपस्थित



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