राजधानी लखनऊ में अनादि सांस्कृतिक संस्था की ओर से आयोजित दो दिवसीय नाट्य समारोह का समापन शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान प्रेक्षागृह में हुआ। समारोह में शंकर शेष लिखित नाटक ”तिल का ताड़” का मंचन निर्देशक मुन्नी देवी के निर्देशन में हुआ।
नाटक की कहानी के केंद्र में प्राणनाथ नाम का युवक है, जो मकान पाने के लिए शादीशुदा होने का झूठ बोलता है। परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि उसे अपने झूठ को बचाने के लिए लगातार नए बहाने बनाने पड़ते हैं, जिससे मंच पर हास्यपूर्ण स्थितियां पैदा होती हैं।
अंत में सच सामने आने पर सभी गलतफहमियां दूर हो जाती हैं। मंच पर संदीप देव, संकल्प शुक्ला, मुकुल चौहान, अनिल कुमार, गुरुदत्त पांडेय, योगेंद्र पाल, दिव्यांश गुप्ता, अंशिका सक्सेना और लावण्या बाजपेई ने प्रभावी अभिनय किया।
