लखनऊ। कृषि विभाग के अफसरों ने किसानों से धान की कटाई के बाद खेतों में पराली न जलाने की अपील की है। फसल अवशेष को चारे में और जैविक खाद बनाने में उपयोग करने की सलाह दी है।


उप निदेशक कृषि विनय कौशल ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। हवा की गुणवत्ता खराब होती है। भूमि में उपलब्ध जैविक कार्बन और मिट्टी के लाभकारी सूूक्ष्म जीवों को नुकसान पहुंचता है। इसका असर मानव स्वास्थ्य पड़ता है। किसान सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर के उपयोग से पराली का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं। स्ट्रा रीपर और बेलर मशीन का उपयोग फसल अवशेष को इकट्ठा करने में कर सकते हैं।



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