अटेवा महारैली में टीईटी अनिवार्यता और निजीकरण खत्म करने की मांग, डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन की चेतावनी
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लगातार बारिश के बावजूद शुक्रवार को अटेवा की महारैली में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी इको गार्डन पहुंचे। पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कर्मचारियों ने बारिश के बीच प्रदर्शन किया।
एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता, एनपीएस और निजीकरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो तीन माह बाद लखनऊ में ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन के तहत क्रमिक अनशन किया जाएगा।
रैली में प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार राय, चंद्रहास सिंह, डॉ. आशाराम, स्वास्थ्य महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार, रंजना सिंह समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के धर्मेंद्र गोयन और सुमन कुरील ने पेंशन गीत प्रस्तुत किए।
महारैली के समापन पर डीसीपी ने प्रतिनिधिमंडल की मुख्य सचिव से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की बात कही गई।
