An introduction to ancient bead-making techniques of the Harappan civilization

 राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से मनका निर्माण तकनीक की दो दिवसीय कार्यशाला मे हड़प्पा के समय क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से बृहस्पतिवार को दो दिवसीय मनका निर्माण कार्यशाला की शुरुआत की गई। पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मुख्य प्रशिक्षक एवं प्रस्तर शिल्पकार अनवर हुसैन शेख, प्रताप परमार, नीतू अग्रवाल और राम विनय ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


कार्यक्रम का परिचय देते हुए निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य हड़प्पा सभ्यता में प्रचलित प्राचीन मनका निर्माण तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रतिभागियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्राचीन मनके केवल आभूषण के रुप में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं नहीं हैं। वे तत्कालीन समाज की तकनीकी दक्षता, कलात्मक अभिरुचि, आर्थिक गतिविधियोें और सांस्कृतिक जीवन के महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य भी हैं। कार्यशाला में 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन आठ बैचों में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

 राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से मनका निर्माण तकनीक की दो दिवसीय कार्यशाला मे हड़प्पा के समय क

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