बोली व भाषा अलग-अलग, संस्कृति और सभ्यता भी एक दूसरे से भिन्न, लेकिन जब विभिन्न राज्यों के करीब 20 हजार कलाकारों ने प्रस्तुति दी तो लगाा कि मानो पूरा भारत मंच पर हो।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
बोली व भाषा अलग-अलग, संस्कृति और सभ्यता भी एक दूसरे से भिन्न, लेकिन जब विभिन्न राज्यों के करीब 20 हजार कलाकारों ने प्रस्तुति दी तो लगाा कि मानो पूरा भारत मंच पर हो।
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