लखनऊ। कहीं मनौतियों के राजा का दरबार सजा तो कहीं लखनऊ के महाराजा विराजे। किसी पंडाल में मंदिर की झलक दिखी तो कहीं भव्य दरबार के साथ गंगा आरती और बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने उत्सव में रंग भरा। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों, ढोल-मंजीरों की थाप और भजनों की गूंज के बीच सोमवार को गणेश चतुर्थी पर राजधानी में गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। शहर में 100 से ज्यादा पंडालों में गणपति की मूर्ति स्थापित की गई। घरों से लेकर पंडालों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई और बप्पा को दूर्वा, फूल व मोदक अर्पित किए गए।
झूलेलाल वाटिका, पत्रकारपुरम, निशातगंज, तोपखाना बाजार, ऐशबाग, अमीनाबाद और आलमबाग समेत कई इलाकों में सजे पंडाल आकर्षण का केंद्र रहे। कहीं झांकियों और नृत्य नाटिका से गणेश जन्म की कथा जीवंत हुई तो कहीं भजन-कीर्तन और महाआरती ने भक्तों को जोड़ा। राजधानी 25 सितंबर तक गणेशोत्सव के रंग में रंगी रहेगी।
मनौतियों के राजा से अलीगंज के राजा तक सजे दरबार
झूलेलाल वाटिका में ‘मनौतियों के राजा’ का गणेशोत्सव मूर्ति स्थापना के साथ शुरू हुआ। शाम को गणपति बप्पा की वंदना और भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। कोलकाता के गायक आदर्श राजपूत ने भजनों की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पोशाक में स्वागत नृत्य किया। तिरुपति बालाजी, श्रीकृष्ण, मां दुर्गा और मां काली की झांकियां प्रस्तुत की गईं। गणेश जन्म और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना पर नृत्य नाटिका भी हुई। गणेश प्राकट्य कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी समेत अन्य मौजूद रहे।
– नेहरू बाल वाटिका पार्क स्थित गुलाब वाटिका अपार्टमेंट परिसर में ‘अलीगंज के राजा’ विराजमान हुए। आचार्य उमेश मिश्रा के सानिध्य में विधि-विधान से पूजन हुआ। संरक्षक संदीप अग्रवाल व महेश अग्रवाल ने बताया कि 14वां श्री गणेश जन्मोत्सव 18 सितंबर तक चलेगा। शाम को लखीमपुर खीरी के राम प्रताप लक्खा ने भजनों से भक्तों को झुमाया।
– पत्रकारपुरम, गोमतीनगर में 12 फीट की गणपति प्रतिमा स्थापित की गई। गणेश पूजा समिति के संरक्षक राम सागर यादव ने बताया कि सोमवार सुबह विधि-विधान से गणेश प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई। शाम को कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी।
– निशातगंज की पेपर मिल कॉलोनी स्थित अक्षयवर मल्ल पार्क में गणपति के भव्य दरबार के साथ गंगा आरती और बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियां हुईं। सुबह सामूहिक आरती के बाद 11 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणपति की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। शाम को गंगा आरती में भक्तों ने सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। जूनियर ग्रुप डांस प्रतियोगिता में बच्चों ने प्रस्तुतियां दीं।
पूजा, भोग और भजनों से गूंजे गणपति पंडाल
चौक के श्री गणेश उत्सव मंडल में मराठी समाज की ओर से गणपति की मूर्ति स्थापना के साथ उत्सव शुरू हुआ। विधि-विधान से स्थापना पूजा के बाद बप्पा को मोदक और लड्डुओं का भोग लगाया गया। आरती के बाद सुंदरकांड पाठ और भक्ति गीतोत्सव हुआ। प्रथम स्थापना पूजा सचिन माली और सुप्रिया माली ने की।
– शिवाजी मार्ग पर ऑस्कर योग साइन कृपा सेवा संस्थान की ओर से आयोजित उत्सव में गणेश प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा हुई। पंडित श्याम जी ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। इसके बाद भक्तों ने गणपति महाराज का श्रृंगार किया। शाम को महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ। उद्घाटन शिवाजी मार्ग इकाई लखनऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष गोपाल दीक्षित, वरिष्ठ महामंत्री अंकित शर्मा, अभिनव गुप्ता, आदि श्री, अभियान, दिव्यांश शुक्ला और ओम प्रजापति ने किया।
– बीबीडी परिसर में चार दिवसीय श्रीगणेश महोत्सव की शुरुआत प्रतिमा स्थापना और विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। बनारस के पंडित राजीव नयन उपाध्याय ने पूजा कराई। शाम को साधो बैंड के गुरु धनंजय शाही के सानिध्य में भजन क्लबिंग की प्रस्तुति ने माहौल भक्तिमय कर दिया। मुख्य अतिथि आरएसएस अवध प्रांत प्रचारक कौशलजी ने महाआरती में हिस्सा लिया। इस मौके पर अलका दास गुप्ता, विराज सागर दास, देवांशी दास और सोनाक्षी दास समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
– सिंगार नगर स्थित बारात घर में विधि-विधान से गणपति की प्रतिमा की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा हुई। दंत चिकित्सा शिविर में श्रद्धालुओं का निशुल्क परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किए। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
– मवइया के गणपति पार्क में विधि-विधान से ‘मवइया के राजा’ की प्रतिमा की स्थापना हुई। गणपति पूजा समिति के सदस्यों और बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा और आरती में हिस्सा लिया। लखनऊ छावनी इलाके के तोपखाना में भी गणपति की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
– पल्टन छावनी सेक्टर-ए, सीतापुर रोड योजना कॉलोनी में मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच गणपति की स्थापना हुई। पं. राजकिशोर बाजपेई ने पूजन कराया। सात दिवसीय उत्सव में रोज सुबह-शाम आरती और भजन होंगे।

पंडालों में विराजे गणपति

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