Revenue inspector arrested while accepting a bribe of 50,000

प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) हरेंद्र सिंह को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार शाम रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। थाना भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर टीपी वर्मा के मुताबिक, प्रताप यादव ने नक्शा दुरुस्त कराने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गोसाईंगंज के अमेठी पहुंचकर कानूनगो हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।


एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दौरान इलाके में कानूनगो के अपहरण की अफवाह फैल गई। इससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसील के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, करीब तीन घंटे बाद अधिकारियों को गिरफ्तारी की वास्तविक जानकारी हो सकी। एक प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने स्थानीय प्रशासन को सूचना नहीं दी। आरोप है कि कानूनगो को थाने ले जाने के बजाय काफी देर तक एक दुकान पर बैठाए रखा गया। अधिकारी का कहना है कि नक्शा दुरुस्तीकरण का अधिकार अपर जिलाधिकारी के पास है। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर राजस्व कर्मियों में भी नाराजगी है। इस संबंध में जानकारी के लिए एसडीएम मोहनलालगंज आकाश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।

पांच घंटे बाद भी थाने नहीं पहुंची टीम

गिरफ्तारी के करीब पांच घंटे बाद भी एंटी करप्शन टीम आरोपी को लेकर गोसाईंगंज थाने नहीं पहुंची थी। रात 9:20 बजे तक पुलिस को कोई तहरीर भी नहीं दी गई थी। गोसाईंगंज इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें न तो कोई तहरीर मिली है और न ही आरोपी को थाने लाया गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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