{“_id”:”6706ca147e37fbe6d00ed7a8″,”slug”:”mental-diseases-are-increasing-due-to-changing-lifestyle-orai-news-c-224-1-ori1005-120833-2024-10-09″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: बदलती जीवनशैली से बढ़ रही मानसिक बीमारियां”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। बदलती जीवनशैली में हर व्यक्ति मानसिक समस्या से परेशान है। कुछ लोग अपनी मानसिक स्थितियों पर नियंत्रण कर लेते है। जो नहीं कर पाते है वह मानसिक बीमारी की श्रेणी में आ जाते हैं। घर हो या आफिस, काम करने को लेकर मानसिक स्वास्थ्य के मामलों की संख्या बढ़ी है। सबसे ज्यादा डिप्रेशन (अवसाद) के मरीज आ रहे हैं। हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य इकाई की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अर्चना विश्वास का कहना है कि मानसिक रोग के कई कारण हो सकते हैं। वह सामाजिक, आर्थिक और शारीरिक भी हो सकते हैं। मानसिक रोग का पता चलने पर इसके इलाज में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इसमें देरी के कारण कई तरह की समस्याएं आ जाती है। हालांकि पारिवारिक सपोर्ट और काउंसलिंग से बीमारी की ठीक होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। कई मामलों में रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य इकाई की ओपीडी में वर्ष 2021 में 1274 मरीज आए है। जबकि वर्ष 2022 में 5229 मरीज पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में 3443 मरीज पंजीकृत हुए है। वर्ष 2024 में 1099 मरीजों का पंजीकरण हुआ है। इस समय इकाई में मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है।
-शहर के एक मोहल्ला निवासी 47 वर्षीय व्यक्ति शराब के लती हो गए थे और जिसकी वजह से नौकरी भी नहीं करते थे। घर में मारपीट करना, बच्चों पर ध्यान न देना रोजाना का काम था। परिजनों उन्हें इलाज के लिए ले गए। उनके साथ उनके परिवार की भी काउंसलिंग की गई। अब हालत में सुधार है।
एक 26 वर्षीय महिला को बात बात पर रोना आता था। पति पर शक करती थी और एक ही बात बार बार करती थी। इससे घर का माहौल खराब हो रहा था। पति अपनी पत्नी को लेकर काउंसलिंग के लिए पहुंचा, जहां दो साल चले इलाज के बाद हालत में पूरी तरह सुधार हो गया है। हालांकि उन्हें बीच बीच में आने की सलाह दी गई है।
