रामगंगा विहार हाई स्ट्रीट स्थित निर्माणाधीन सोसाइटी के खुले सेप्टिक टैंक में छह दिनों से लापता बच्चे का शव शनिवार की शाम उतराता मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत डूबने से हुई है।
रविवार को बच्चे के पिता ने आर्किटेक्ट और ठेकेदार की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। बिहार के अररिया जिले के सिकटी थाना क्षेत्र के पटरिया ग्राम निवासी हसीब और उसकी पत्नी कुरेशा अपने परिवार के साथ सात माह पहले रामगंगा बिहार स्थित हाई स्ट्रीट स्थित पीएस ग्रीन सोसाइटी के प्रोजेक्ट पर मजदूरी करने के लिए आए थे।
मजदूर वर्तमान में सागर सराय निवासी राहुल गगनेजा के निर्माणाधीन मकान में रहते हुए काम कर रहे हैं। मजदूर की पत्नी कुरेशा ने बताया कि उसका बेटा हसन आलम (07) चार मई की दोपहर अन्य बच्चों के साथ खेलने के लिए निकला था।
उस समय वह पति के साथ चिनाई का काम कर रही थी। देर तक बच्चे के आवास पर नहीं लौटने पर पति पत्नी ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान उसके साथी अन्य मजदूर भी बच्चे को ढूंढ़ने लगे लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
अंत में पांच मई को पति ने सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। इस बीच शनिवार देर शाम सोसाइटी के गार्ड ने निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में तराता हुआ देखा। टैंक खुला हुआ था। रविवार सुबह शव की शिनाख्त होने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पिता हसीब ने बताया कि उसके गांव की रहने वाली महिला से घटना के दो दिन पहले विवाद हुआ था। महिला ने धमकी दी थी वह पूरे परिवार को देख लेगी। उसने कहा कि धमकी देने वाली महिला गायब है।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया। फिर भी महिलाएं सोसाइटी के बाहर धरना देकर बैठी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत डूबनेa की वजह से हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के पेट से काफी पानी भर गया था। बच्चे के पिता हसीब ने आर्किटेक्ट और ठेकेदार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी।
आरोप लगाया है कि टैंक को आर्किटेक्ट ने ढकवाया नहीं था। इसी वजह से उसका बेटा टैंक में गिर गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि परिजनों ने तहरीर देकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं। जांच के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
