Muzaffarnagar में आगामी कांवड़ यात्रा 2025 को शांति, सौहार्द और पूर्ण सुरक्षा के साथ संपन्न कराने को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा जनपद के विभिन्न थानाक्षेत्रों से हरिद्वार जाने वाले डाक कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और कांवड़ संघों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई।


डिजिटल संवाद के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिए गए 7 जरूरी दिशा-निर्देश

इस ऑनलाइन संवाद के माध्यम से हजारों डाक कांवड़ियों को कांवड़ यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों और शासन द्वारा निर्धारित सख्त दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। उद्देश्य था – यात्रा को दुर्घटनामुक्त, अनुशासित और शांतिपूर्ण बनाना।


1. मेडिकल फिटनेस अनिवार्य – किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सावधानी जरूरी

श्रद्धालुओं से अपील की गई कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी अपना मेडिकल चेकअप जरूर कराएं। यह सुनिश्चित करेगा कि किसी को यात्रा के दौरान कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या न हो।


2. डीजे और कांवड़ वाहन तय मानकों में ही रहें – अधिक ऊंचाई बनी हादसों की वजह

डीजे और डाक कांवड़ वाहनों की ऊंचाई अधिकतम 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। बताया गया कि मानकों से ऊपर ले जाने पर तारों या पुलों से टकराव की आशंका रहती है, जिससे हादसे हो सकते हैं।


3. डंडा, बेसबॉल स्टिक, हॉकी ले जाना प्रतिबंधित – व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार का हथियारनुमा वस्तु ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। श्रद्धालुओं से कहा गया कि सुरक्षा के लिए प्रशासन का भरोसा रखें, पुलिस बल पर्याप्त संख्या में तैनात रहेगा।


4. नशे का सेवन न करें – आपके साथ दूसरों की जान को भी खतरा

डाक कांवड़ यात्रियों और वाहन चालकों को मादक पदार्थों का सेवन पूरी तरह से वर्जित किया गया है। नशे की स्थिति में दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिससे न केवल स्वयं बल्कि अन्य श्रद्धालु भी प्रभावित होते हैं।


5. समय से करें प्रस्थान – देरी बनी दुर्घटना का कारण

यात्रियों से कहा गया कि वे समय से जल लेने हेतु प्रस्थान करें, क्योंकि देरी होने पर जल्दबाज़ी में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।


6. मोटरसाइकिल से साइलेंसर हटाना प्रतिबंधित – आग लगने की संभावना

डाक कांवड़ियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे मोटरसाइकिल से साइलेंसर न निकालें, क्योंकि इससे वाहन में आग लग सकती है। यह पूर्णतया कानून विरोधी भी है।


7. निर्धारित मार्ग से ही करें यात्रा – अनाधिकृत मार्गों पर सख्ती

सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे केवल निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही प्रयोग करें, और यात्रा के दौरान किसी भी अव्यवस्था या अनुशासनहीनता से बचें।


श्रद्धालुओं ने ली नियम पालन की शपथ – पुलिस की सराहना

गोष्ठी के अंत में सभी शिवभक्त श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान मादक पदार्थों का सेवन न करने, शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करने, और यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से पूर्ण करने की शपथ ली। उन्होंने पुलिस की इस जागरूकता पहल की सराहना की और सहयोग का विश्वास दिलाया।


प्रशासन का प्रयास – केवल सुरक्षा नहीं, श्रद्धा और विश्वास का संरक्षण

DIG अभिषेक सिंह और SSP संजय कुमार वर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक-आस्था का महापर्व है। इसमें किसी भी प्रकार की चूक या अव्यवस्था को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा स्पष्ट है — श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।


कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर मुजफ्फरनगर प्रशासन का यह डिजिटल संवाद न केवल तकनीकी रूप से उन्नत पहल है, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है। यदि सभी श्रद्धालु इन निर्देशों का पालन करें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें, तो यह यात्रा श्रद्धा, व्यवस्था और शांति का आदर्श बन सकती है।



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