आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ अब केवल चैटबॉट्स और स्मार्ट असिस्टेंट तक ही सीमित नहीं रह गई है। दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां भी ऐसे एआई मॉडल विकसित करने में जुटी हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा उपयोगी साबित हों। इसी दिशा में मेटा ने भी एक नया संकेत दे दिया है। कंपनी के एआई प्रमुख अलेक्जेंडर वांग का कहना है कि मेटा के आने वाले एआई मॉडल स्वास्थ्य संबंधी क्षमताओं पर खास फोकस करेंगे, जो उन्हें प्रतिस्पर्धियों से अलग पहचान दिला सकते हैं।
अलेक्जेंडर वांग कौन हैं ?
एआई इंडस्ट्री के बड़े नामों में अलेक्जेंडर वांग का नाम भी शामिल है। ये 2025 में Meta से जुड़े थे, जब कंपनी ने Scale AI में 14 अरब डॉलर का निवेश किया था। वर्तमान में से मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स (MSL) का नेतृत्व कर रहे हैं और कंपनी के अगली पीढ़ी के AI प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
हेल्थ एआई पर मेटा का फोकस
हाल ही में सैन फ्रांसिस्को में आयोजित ब्लूमबर्ग टेक सम्मेलन में मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स (MSL) के प्रमुख अलेक्जेंडर वांग ने कंपनी की एआई रणनीति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ऐसा क्षेत्र है, जिसे मेटा बेहद जरूरी मानता है। खासकर तब, जब कंपनी अपने अरबों यूजर्स तक एआई मॉडल्स को पहुंचाने की तैयारी में हो। वांग के अनुसार एआई का इस्तेमाल केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहने वाले। यह अब लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी समझेगा और सहायता देगा। हालांकि इसके पहले भी कई रिपाेर्ट्स में एआई की स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्रों में मदद देखी गई है।
Muse Spark मॉडल में दिखी सबसे बड़ी ताकत
- मेटा ने अप्रैल में अपना नया एआई मॉडल म्यूज स्पार्क पेश किया था। वांग के अनुसार, इस मॉडल की सबसे मजबूत क्षमताओं में हेल्थ से जुड़ी समझ और उपयोगिता शामिल है। यही वजह है कि अब कंपनी एआई के विकास को प्राथमिकता देने का प्रयास कर रही है।
- उन्होंने बताया कि म्यूज स्पार्क ने आंतरिक परीक्षणों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल यह मॉडल ChatGPT या Claude जैसे एआई मॉडल्स तक नहीं पहुंच पाया है, लेकिन इस रेस में जरूर है।
OpenAI और Google से अलग रास्ता
- एआई इंडस्ट्री में इस समय ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों को नाम सबसे ज्यादा सुनाई देता है, इनके बीच प्रतिस्पर्धा भी तेज है। ऐसे में मेटा स्वास्थ्य-केंद्रित क्षमताओं को अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।
- कंपनी का लक्ष्य ऐसे एआई टूल्स को तैयार करना है, जिन्हें भविष्य में फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स से भी जोड़ा जा सके। इससे एआई फीचर्स सीधे कराेड़ों यूजर्स तक पहुंच सकेंगे, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की संख्या बेइंतहा है।
विकास के दौरान सामने आए ये जोखिम
- हालांकि अलेक्जेंडर ने खुलकर बात की और कई अंदर की बातों का खुलासा भी किया। उन्होंने कहा कि म्यूज स्पार्क के विकास के दौरान कुछ बायोलॉजिकल जोखिम भी सामने आए थे, लेकिन वो क्या थे। यह अभी भी उन्होंने राज ही रखा।
- मेटा का कहना है कि मॉडल का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से पहले इन संभावित जोखिमों को संबोधित किया गया। यही वजह है कि कंपनी ने म्यूज स्पार्क ओपन-सोर्स फॉर्मेट में रिलीज नहीं किया, जिससे इसकी मूल तकनीक सभी डेवलपर्स के लिए खुली न हो सके।
