Muzaffarnagar में वीर शिरोमणि Maharana Pratap की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर राष्ट्र जन चेतना मंच के कार्यकर्ताओं ने जोरदार पहल की है। संगठन के अध्यक्ष Vikas Agrawal के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री Anil Kumar को ज्ञापन सौंपकर नगर के किसी प्रमुख चौराहे पर महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा स्थापित कराने की मांग उठाई।

ज्ञापन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप को भारतीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और साहस का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी स्मृति को सहेजना समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय है।


‘महाराणा प्रताप केवल राजा नहीं, राष्ट्र गौरव के प्रतीक’

ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्र जन चेतना मंच के संस्थापक अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के एक शासक नहीं थे, बल्कि वे अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर जैसी वीर भूमि पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित होना गौरव का विषय होगा। इससे युवाओं को देशभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी।

विकास अग्रवाल ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया और उनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।


नगर के प्रमुख चौराहे पर प्रतिमा लगाने की मांग

ज्ञापन में मांग की गई कि नगर के किसी प्रमुख चौराहे या सार्वजनिक स्थल को चिन्हित कर वहां महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी जाए।

संगठन का कहना है कि इस तरह की प्रतिमा न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगी बल्कि नगर के सौंदर्य में भी वृद्धि करेगी। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में आने वाले लोगों के लिए यह प्रतिमा एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहचान बन सकती है।


प्रतिमा निर्माण का पूरा खर्च उठाने को तैयार संगठन

राष्ट्र जन चेतना मंच ने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर पालिका परिषद या प्रशासन द्वारा उचित स्थान उपलब्ध कराया जाता है, तो प्रतिमा निर्माण और स्थापना का पूरा खर्च संगठन स्वयं वहन करेगा।

विकास अग्रवाल ने कहा कि संगठन समाज के सहयोग से इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे जनभावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा लगाने का विषय नहीं बल्कि देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की पहल है।


कैबिनेट मंत्री ने दिया सहयोग का आश्वासन

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद कैबिनेट मंत्री Anil Kumar ने संगठन की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप जैसे महान योद्धा भारतीय इतिहास और संस्कृति के गौरव हैं।

मंत्री ने ज्ञापन को शासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और कहा कि जनभावनाओं से जुड़े विषयों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संगठन को हर संभव सहयोग देने की बात भी कही।


युवाओं में राष्ट्रवाद और साहस की भावना बढ़ाने पर जोर

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों से जोड़ना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा युवाओं के लिए प्रेरणा केंद्र का कार्य करेगी।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में इतिहास और सांस्कृतिक प्रतीकों की बड़ी भूमिका होती है। ऐसे स्मारक समाज में राष्ट्रीय चेतना और आत्मगौरव की भावना को मजबूत करते हैं।


ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

ज्ञापन देने के दौरान राष्ट्र जन चेतना मंच के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर गुप्ता, प्रदेश महामंत्री मनीष बंसल, प्रदेश संगठन मंत्री एवं कोषाध्यक्ष कपिल कुमार गुप्ता एडवोकेट, प्रदेश मीडिया प्रभारी चेतन देव विश्वकर्मा, सहारनपुर मंडल प्रभारी सुरेंद्र मित्तल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।

इसके अलावा विजय अग्रवाल, भूपेंद्र प्रजापति, राजकुमार सुजडू, संदीप कुमार, मुकुंद कुमार, प्रभात कुमार, डॉ. आदेश संगल, शशिराज गुप्ता और कन्हैया ठाकुर सहित संगठन के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


मुजफ्फरनगर में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिल रही नई दिशा

पिछले कुछ समय में मुजफ्फरनगर में सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता बढ़ी है। शहर में ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी विषयों को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन और मांगें स्थानीय समाज को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही इससे युवाओं में अपने ऐतिहासिक नायकों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।


मुजफ्फरनगर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की मांग ने सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई चर्चा को जन्म दिया है। राष्ट्र जन चेतना मंच की ओर से उठाई गई यह पहल केवल एक स्मारक निर्माण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे युवाओं में राष्ट्रभक्ति, साहस और ऐतिहासिक चेतना को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें प्रशासन और शासन स्तर पर होने वाले अगले निर्णय पर टिकी हैं।



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