Muzaffarnagar में सामने आया यह कथित यूरिया कालाबाजारी प्रकरण केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि किसानों के हितों और कृषि व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है। पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अनुदानित यूरिया, फर्जी बिल और वाहन बरामद होने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का ध्यान अब पूरे नेटवर्क, आर्थिक लाभ के स्रोतों और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है। यदि जांच में सामने आए दावे पुष्ट होते हैं, तो यह मामला क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी के सबसे बड़े खुलासों में दर्ज हो सकता है।
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