रोहाना कलां/ Muzaffarnagar  इंडियन पोटाश लिमिटेड की शुगर यूनिट रोहाना कलां में इन दिनों ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के तहत स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं। 17 सितम्बर से शुरू हुआ यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 सितम्बर को मिल परिसर और आवासीय कॉलोनी में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।

अभियान का आयोजन प्रबंध निदेशक श्री संजीव वी. वर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। 22 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में इकाई प्रमुख श्री लोकेश कुमार के नेतृत्व में मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने स्वयं श्रमसेवा करते हुए मिल परिसर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई अभियान चलाया।

इकाई प्रमुख ने दिलाया स्वच्छता का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान इकाई प्रमुख लोकेश कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अभियान में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिल परिसर के साथ-साथ आवासीय कॉलोनी को भी साफ-सुथरा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा-कचरे के उचित निस्तारण पर जोर दिया। साथ ही ऐसी सामग्री को अलग करने की आवश्यकता बताई, जिसका पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण किया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को भी स्वच्छता अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

लोकेश कुमार ने कर्मचारियों से अपील की कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष अभियान या आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कार्यस्थल, घर और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की आदत को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है।

‘स्वच्छता केवल अभियान नहीं, रोज की जिम्मेदारी’

शपथ कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं स्वच्छ रहने, मिल परिसर को साफ रखने और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस दौरान यह संदेश दिया गया कि किसी भी संस्थान की स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं होती। परिसर में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि कर्मचारी कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालें, अनुपयोगी सामग्री को अलग रखें और पानी तथा प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी रोकें, तो स्वच्छ वातावरण बनाए रखना आसान हो सकता है।

इसी सोच के साथ मिल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।

श्रमसेवा के जरिए मिल परिसर की सफाई

शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं श्रमसेवा में हिस्सा लिया। परिसर के अलग-अलग स्थानों पर सफाई की गई और लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा तथा अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया।

अभियान के दौरान परिसर के विभिन्न हिस्सों को व्यवस्थित किया गया। सफाई के साथ यह भी प्रयास किया गया कि कार्यस्थल का वातावरण कर्मचारियों के लिए अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित रहे।

सफाई अभियान में अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी ने कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया। कर्मचारियों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर स्वच्छता के संदेश को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया।

मिल परिसर में हुआ वृक्षारोपण

स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। श्रमसेवा के बाद मिल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर में पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

वृक्षारोपण को स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए केवल कूड़ा हटाना पर्याप्त नहीं है। हरित क्षेत्र बढ़ाना, पेड़ों की देखभाल करना और जल संरक्षण जैसे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

आवासीय कॉलोनी में भी चला विशेष सफाई अभियान

‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के तहत केवल मिल के उत्पादन और कार्यालय क्षेत्र तक गतिविधियों को सीमित नहीं रखा गया। मिल परिसर के साथ आवासीय कॉलोनी में भी विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया।

कॉलोनी के विभिन्न हिस्सों में सफाई की गई और जहां भी कूड़ा-कचरा अथवा अनुपयोगी सामग्री जमा थी, उसे हटाया गया। इसके बाद संबंधित स्थानों को व्यवस्थित किया गया।

मिल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों और उनके परिवारों से भी अपील की गई कि वे आवासीय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें और कूड़ा इधर-उधर न फेंकें।

कूड़ा निस्तारण और पुनः उपयोग पर जोर

अभियान के दौरान सामान्य सफाई के साथ-साथ कूड़ा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इकाई प्रमुख ने हर प्रकार के कचरे के उचित निस्तारण के साथ ऐसी सामग्री को अलग करने पर जोर दिया, जिसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है।

औद्योगिक परिसरों में विभिन्न प्रकार की सामग्री का उपयोग होता है। ऐसे में अनुपयोगी सामग्री का उचित प्रबंधन पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी उद्देश्य से कर्मचारियों को कचरे को जिम्मेदारी से संभालने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

जल संरक्षण को भी अभियान से जोड़ा गया

स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने रखा गया। प्रबंधन ने कर्मचारियों से पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने और उपलब्ध जल संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।

स्वच्छता और जल संरक्षण को एक-दूसरे से जुड़ा विषय बताते हुए दैनिक गतिविधियों में सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। मिल परिसर और आवासीय कॉलोनी दोनों में संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर कर्मचारियों को जागरूक किया गया।

स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने की अपील

इंडियन पोटाश लिमिटेड, शुगर यूनिट रोहाना कलां की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की गई कि वे अपने कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय कॉलोनी को भी स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्रबंधन का कहना है कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संदेश तभी प्रभावी हो सकता है जब इसे किसी एक दिन के कार्यक्रम के बजाय नियमित व्यवहार में शामिल किया जाए। कार्यालय, उत्पादन परिसर, आवासीय क्षेत्र और आसपास के स्थानों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।

इस अभियान के जरिए कर्मचारियों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता का सीधा संबंध स्वस्थ वातावरण और बेहतर जीवनशैली से है। साफ-सुथरे परिसर से न केवल वातावरण बेहतर रहता है, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी की भावना भी मजबूत होती है।

अभियान में ये अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान वीर सैन, पंकज बालियान, आर.के. तिवारी, एन.के. रस्तोगी, आर.के. पाण्डेय, प्रमोद आनन्द, पंकज कुमार, मोहित कुमार, प्रदीप शर्मा और पंकज शर्मा सहित मिल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने सफाई अभियान, श्रमसेवा और वृक्षारोपण में भाग लेकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाया।

2 अक्टूबर तक जारी रहेगा ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान

इंडियन पोटाश लिमिटेड की रोहाना कलां शुगर यूनिट में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के तहत विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आने वाले दिनों में भी अभियान के अंतर्गत स्वच्छता और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को जारी रखने पर जोर दिया गया है।

मिल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को अभियान के उद्देश्य से जोड़ते हुए यह संदेश दिया गया है कि स्वच्छता किसी एक विभाग, कर्मचारी या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। जब कार्यस्थल और घर दोनों जगह लोग अपनी भूमिका निभाते हैं, तभी स्वच्छ वातावरण को लंबे समय तक बनाए रखना संभव होता है।

स्वच्छता का संदेश तभी मजबूत होता है, जब वह अभियान से निकलकर रोजमर्रा की आदत बन जाए। रोहाना कलां शुगर यूनिट में श्रमसेवा, सफाई और वृक्षारोपण के जरिए इसी जिम्मेदारी को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया गया।



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