सिरसा कलार। महेबा ब्लॉक के ब्लॉक स्तरीय पीएचसी बाबई के अंतर्गत न्यामतपुर स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दो साल से डॉक्टर और करीब एक साल से स्टाफ नर्स के बिना चल रहा है। इससे 12 गांवों के मरीजों को परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को है, जिन्हें प्रसव के लिए 12 से 13 किलोमीटर दूर बाबई या सिरसा कलार जाना पड़ता है।

पुलिस चौकी के पास स्थित इस केंद्र से न्यामतपुर, ईंगुई, अभैदेपुर, पिथऊपुर और लौना समेत 12 गांवों के लोग जुड़े हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, एएनएम के सेवानिवृत्त होने के बाद से स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हुई। प्रसव की सुविधा न मिलने से महिलाओं को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। ईगुई निवासी साजन सिंह ने बताया कि स्टाफ नर्स न होने के कारण उन्हें अपनी पत्नी का प्रसव गांव के निजी अस्पताल में कराना पड़ा। इससे उन्हें अधिक खर्च उठाना पड़ा।

फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज

डॉक्टर की तैनाती न होने से मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन के भरोसे है। फार्मासिस्ट के बाहर रहने पर लैब टेक्नीशियन को केंद्र संभालना पड़ता है।

वर्जन

केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ नर्स की तैनाती के लिए मांग भेजी गई है। पर्याप्त जगह उपलब्ध होने पर यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनवाने की मांग भी की गई है।

डॉ. विकास यादव, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बाबई



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *