Muzaffarnagar जनपद में छपार थाना पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए भैंस चोरी की वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार करते हुए चोरी की गई भैंस, कटड़ा और घटना में इस्तेमाल किया गया छोटा हाथी पिकअप ट्रक बरामद कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि पशुपालकों ने राहत की सांस ली।

बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी किए गए पशुओं को बेचने के इरादे से ले जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।


बरला गांव से चोरी हुई थी भैंस और कटड़ा

जानकारी के अनुसार 24 मई 2026 को ग्राम बरला निवासी लखन सिंह ने थाना छपार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि अज्ञात चोर रात के समय उनके घर से एक भैंस और एक कटड़ा चोरी कर ले गए।

घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। पशुपालकों ने लगातार बढ़ रही पशु चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। शिकायत मिलते ही थाना छपार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने मुकदमा संख्या 107/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला ऑपरेशन

भैंस चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में कार्रवाई तेज कर दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर और थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार सक्रिय रही।

पुलिस ने आसपास के गांवों, मार्गों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया, जिसके बाद पुलिस को अहम सफलता मिली।


चोरी के पशु बेचने जा रहे थे आरोपी, रास्ते में दबोचे गए

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 मई 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी की गई भैंस और कटड़ा को बेचने के इरादे से जा रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई भैंस, कटड़ा और घटना में इस्तेमाल किया गया छोटा हाथी पिकअप ट्रक बरामद किया गया। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में ले लिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो पशुओं को दूसरे जिले या राज्य में बेच दिया जाता, जिससे बरामदगी मुश्किल हो सकती थी।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • रविश पुत्र साधूराम निवासी ग्राम बरला थाना छपार
  • अनिकेत पुत्र ओमवीर निवासी ग्राम बरला थाना छपार
  • दीपक पुत्र राकेश निवासी ग्राम बरला थाना छपार

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी पहले भी पशु चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं।


पूछताछ में आरोपियों ने कबूला अपराध

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24 मई की रात ग्राम बरला से ही भैंस और कटड़ा चोरी किया था।

आरोपियों ने बताया कि वे चोरी किए गए पशुओं को बेचकर जल्दी पैसा कमाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से वे पशुओं को लेकर दूसरे स्थान पर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही पकड़ लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अन्य अहम जानकारियां भी सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे जांच की जा रही है।


ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी बना बड़ा मुद्दा

मुजफ्फरनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से पशु चोरी की घटनाएं किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पशु केवल आय का साधन नहीं बल्कि परिवार की आर्थिक रीढ़ होते हैं। ऐसे में भैंस या अन्य पशु चोरी हो जाना किसानों के लिए भारी नुकसान साबित होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पशु चोरी के मामलों में कई बार संगठित गिरोह सक्रिय रहते हैं, जो चोरी के पशुओं को दूसरे जिलों या राज्यों में बेच देते हैं।


छपार पुलिस की कार्रवाई की ग्रामीणों ने की सराहना

भैंस चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा होने पर ग्रामीणों और पशुपालकों ने छपार पुलिस की सराहना की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि त्वरित कार्रवाई से लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है। गांव के कई लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह पुलिस सक्रिय रहे तो अपराधियों में डर बना रहेगा।


पुलिस टीम की भूमिका रही अहम

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहित कुमार, उपनिरीक्षक शिव कुमार, तूफान सिंह, हेड कांस्टेबल राधेश्याम, कांस्टेबल सुनील कुमार और प्रताप सिंह की अहम भूमिका रही।

वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।


पशुपालकों को पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह

पुलिस ने ग्रामीणों और पशुपालकों से अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि रात के समय पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

इसके अलावा गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।


मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में भैंस चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा पुलिस की सक्रियता और तेज कार्रवाई का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। चोरी की गई भैंस और कटड़ा की बरामदगी से जहां पीड़ित परिवार को राहत मिली है, वहीं ग्रामीण इलाकों में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है।

 



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