री-नीट की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अब अंतिम दिनों की रणनीति बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। विशेषज्ञ शिक्षकों का कहना है कि इस समय नई किताबों और नए टॉपिक में उलझने के बजाय पहले से की गई तैयारी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। सही रणनीति अपनाने वाले छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
एक्सपर्ट शिक्षक ललितेश यादव का कहना है कि छात्रों को प्रतिदिन एक फुल-लेंथ मॉक टेस्ट देना चाहिए। इससे समय प्रबंधन की समझ विकसित होती है और अपनी कमजोरियों का पता चलता है। मॉक टेस्ट के बाद गलत प्रश्नों का विश्लेषण करना भी उतना ही जरूरी है जितना टेस्ट देना। पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण कर उन टॉपिक की पहचान करें, जहां से लगातार अधिक प्रश्न पूछे गए हैं।
एक्सपर्ट शिक्षक नीरज सिंह का कहना है कि भौतिक विज्ञान इस बार छात्रों की रैंक तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कई छात्र बायोलॉजी पर अधिक ध्यान देते हैं लेकिन फिजिक्स में कुछ प्रश्न गलत होने से रैंक पर बड़ा असर पड़ता है। भौतिक विज्ञान का पेपर जेईई मेन्स लेवल का आ सकता है। पर्याप्त नींद लेते हुए आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करें।
इस पर भी दें ध्यान
– एनसीईआरटी की पुस्तकों पर फोकस करें।
– अधिक पूछे जाने वाले टॉपिक को प्राथमिकता दें।
