आगरा। जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा की ओर तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 40 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड स्थापित किए जा चुके हैं। 27 स्कूलों में आईसीटी लैब तैयार की जा चुकी है। इससे पारंपरिक शिक्षा अब स्मार्ट डिजिटल क्लास में बदल रही है। तीन चरणों में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं और छात्र संख्या के आधार पर उनका आवंटन किया गया है। अब ब्लैकबोर्ड के स्थान पर स्मार्ट स्क्रीन से पढ़ाई की जा रही है।
स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से अब छात्रों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषय ऑडियो-वीडियो, एनीमेशन और डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए पढ़ाए जा रहे हैं। इससे कठिन विषय भी सरल और रोचक बन रहे हैं। खान अकादमी और पंख पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, कॅरिअर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है।
डीआईओएस चंद्रशेखर ने बताया कि डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना, डिजिटल साक्षरता बढ़ाना और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है। शिक्षकों की शिक्षण क्षमता में भी सुधार हो रहा है, जिससे पढ़ाई अधिक प्रभावी बन रही है। स्मार्ट क्लास के जरिए विद्यार्थियों की सहभागिता और रचनात्मकता में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने बताया एक आईसीटी लैब के लिए 7 सिस्टम और एक पैनल उपलब्ध कराया गया है।
