{“_id”:”671168ebb518c0d8f004ca94″,”slug”:”operation-of-blood-unit-stuck-due-to-earthing-problem-orai-news-c-224-1-ori1005-121101-2024-10-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: अर्थिंग की समस्या से फंसा ब्लड यूनिट का संचालन”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने में अर्थिंग का मामला फंस रहा है। बिजली ठेकेदार की लापरवाही से अर्थिंग न होने के कारण वोल्टेज की समस्या हो रही है। संबंधित कंपनी ने अर्थिंग शुरू होने से पहले यूनिट शुरू करने से मना कर दिया है। इस मामले में सीएमएस ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए है। ठेकेदार ने चौबीस घंटे की मोहलत मांगी है।
बता दें कि जिला अस्पताल की ब्लड सेपरेशन यूनिट का काम जनवरी 2022 में भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। जिसे मार्च 2022 में पूरा कराना था। धीमी गति से काम होने के कारण एक साल तक काम पूरा नहीं हो पाया। किसी तरह दबाव बनाकर काम पूरा कराया गया। इसके बाद मशीनों का इंस्ट्रालेशन का काम किया गया। जिसमें ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर, प्लाज्मा एक्सप्रेसर, प्लेटलेट्स एजिटटोर, प्लाज्मा थामिन बाथ को 20 मार्च 2023 में इंस्ट्रॉल कर दिया गया।
वर्ष 2024 की शुरूआत 2024 में औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने इसका निरीक्षण कर मई माह में लाइसेंस भी स्वीकृत कर दिया। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अरविंद श्रीवास्तव का कहना है कि स्टाफ को ब्लड सेपरेशन यूनिट चलाने की ट्रेनिंग दे दी गई है। एक बार ट्रायल भी कराया जा चुका है लेकिन बिजली अर्थिंग का ईश्यू आने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। ठेकेदार को कई बार अवगत भी कराया जा चुका है। ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने से डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स और एनीमिया के मरीजों को आबीसी की सुविधा मिलने लगेगी। इसके अलावा प्लाज्मा भी अलग से मिलने लगेगा। रक्त संबंधी कई जरूरतें पूरी होगी।
वर्जन
ब्लड सेपरेशन यूनिट तैयार है। बिजली की अर्थिंग का मामला लटका है। इसके लिए ठेकेदार को आज फटकार लगाई गई है। उससे तत्काल काम पूरा करने को कहा गया है। ठेकेदार ने चौबीस घंटे की मोहलत मांगी है। बिजली का काम पूरा होने के बाद ट्रायल कराया जाएगा। इसके बाद यूनिट शुरू करा दी जाएगी। -डॉ. जगजीवन राम, सीएमएस जिला अस्पताल
डीएम के कहने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ठेकेदार की लापरवाही पर डीएम भी नाराजगी जता चुके है और उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कह चुके है। इसके बावजूद ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले दिनों डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। कई जगह खामियां मिलने पर सीएमओ और सीएमएस से ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है।
यूनिट शुरू न होने से रेफर हो रहे मरीज
उरई। यूनिट शुरू न होने का खामियाजा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। चिकित्सक उन्हें मजबूरी में रेफर कर रहे हैं। शहर के मोहल्ला रामनगर निवासी रामबाबू (62) को 15 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पीलिया और एनीमिया की समस्या थी। उनका हीमोग्लोबिन छह ग्राम था। जबकि प्लेटलेट्स 44 हजार तक पहुंच गई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें गुरुवार को रेफर कर दिया गया। सीएमएस डॉ. जगजीवन राम ने बताया कि आज मरीज को रेफर किया गया है। (संवाद)
