
मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम पर सत्संग सुनते अनुयायी।
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मथुरा के जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे सत्संग मेले के दूसरे दिन सोमवार को राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद्र ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में सभी लोगों का खानपान अशुद्ध हो गया है। बाबा जयगुरुदेव महाराज ने लोगों से आगाह करते हुए अपील की थी कि यदि लोग शाकाहार-सदाचार नहीं अपनाएंगे तो उनकी स्थिति बिगड़ती जाएगी।
संस्था अध्यक्ष पंकज महाराज ने कहा कि हाथ जोड़कर विनय हमारी हो जाएं सब शाकाहारी। उन्होंने कहा कि लोग शाकाहार-सदाचार को अपना लें ताकि एक अच्छे समाज का निर्माण हो सके। यदि लोग अपना सुधार नहीं करते हैं तो सतयुग आने से पहले प्रकृति का तांडव होगा। उन्होंने कहा कि मांस, मछली, अंडा, शराब खाना-पीना सनातन धर्म नहीं है। राम और कृष्ण शाकाहारी थे। इनका धर्म शाकाहारी था।
बाबा जयगुरुदेव ने शाकाहारी धर्म का प्रचार किया और प्रेमियों से कराया यही सनातन धर्म है। राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम ने बताया कि परोपकार की भावना से परिपूर्ण लोगों का लोक और परलोक दोनों बन जाता है। जो केवल अपना हित और अपने कार्य तक सीमित होते हैं उन्हें महात्मा पशु का दर्जा देते हैं। महापुरुषों से अपने आत्म कल्याण और चरणों की शरण की मांग करनी चाहिए। चरणों की शरण प्राप्त हो जाने पर जीवन के लिए जरूरी सांसारिक पदार्थ मिल जाया करते हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे।
